भागलपुर में अंधविश्वास पर पुलिस का 'अजीब न्याय': महिला से मारपीट और साड़ी खींचने के आरोपी से कहा- 'चरण छूकर लो आशीर्वाद'
भागलपुर के शाहकुंड इलाके में एक महिला ने आरोप लगाया कि उसे डायन बताकर पीटा गया और उसकी साड़ी खींची गई. पुलिस ने आरोपी को महिला का आशीर्वाद लेने के लिए कहा, जिसके बाद उसने महिला के पैर छुए. इस घटना ने अंधविश्वास से जुड़े मामलों को संभालने में पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
एक तरफ देश डिजिटल इंडिया और आधुनिकता की बात कर रहा है, तो दूसरी तरफ भागलपुर में अंधविश्वास के नाम पर एक महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करने का आरोप सामने आया है. मिली जानकारी के अनुसार, ये पूरा मामला शाहकुंड थाना क्षेत्र के पचरुखी गांव का है, जहां तारा देवी ने गांव के ही कुछ लोगों पर मारपीट, साड़ी खींचने और गोली मारने तक की धमकी देने का आरोप लगाया है.
इस पूरे मामले में सबसे अधिक चर्चा पुलिस की भूमिका को लेकर हो रही है. आरोप है कि मामले की जांच के लिए पहुंची पुलिस के सामने आरोपी ने महिला के चरण छूकर आशीर्वाद लिया.
शरीर में आग लगाने की धमकी
पुलिस ने आशीर्वाद दिलवाया, महिला से कहा इसे आशीर्वाद दीजिये माफ कर दीजिए. अब सवाल है कि आखिर यह कैसी कार्रवाई है, जहां एक तरफ महिला गंभीर आरोप लगा रही है, तो दूसरी तरफ आशीर्वाद लेने का घटनाक्रम सामने आ रहा है? तारा देवी, बिंदेश्वरी राम की पत्नी हैं.
पीड़िता का आरोप है कि गांव के बॉसकी राम, बोरी राम, बिजली राम और बबलू राम ने उन्हें डायन बताकर प्रताड़ित किया. महिला के मुताबिक, उनके साथ मारपीट की गई, साड़ी खींचने की कोशिश की गई और गोली मारने के साथ शरीर में आग लगाने की धमकी भी दी गई. इन आरोपों ने महिला की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर किसी महिला को डायन बताकर उसके साथ ऐसा व्यवहार करने का अधिकार किसने दे दिया?
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आरोपों की गंभीरता से जांच की है या नहीं?
पीड़िता ने शाहकुंड थाने में आवेदन दिया और न्याय की गुहार लगाई है. मामले में एक आरोपी के पकड़े जाने की बात सामने आई है. इसी बीच पुलिस की मौजूदगी में आरोपी के महिला के चरण छूकर आशीर्वाद लेने की बात भी चर्चा में है.
इस घटनाक्रम की परिस्थितियों और पुलिस की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है. सवाल यह है कि क्या पुलिस ने महिला की शिकायत में लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की है? अब देखना होगा कि शाहकुंड पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है और तारा देवी को न्याय मिल पाता है या नहीं.
रिपोर्ट: अश्विनी कुमार