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बिहार के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इन दिनों एक नई खबर को लेकर जोरदार चर्चा छिड़ी हुई है. चर्चा है कि 1997 बैच के सीनियर आईएएस अधिकारी संजय कुमार सिंह को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नया प्रधान सचिव बनाया जा सकता है. हालांकि, इस पर अंतिम मुहर आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही लगेगी.
ओडिशा कैडर के अफसर संजय कुमार सिंह को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बेहद नजदीकी और भरोसेमंद अधिकारी माना जाता रहा है. ऐसे में सम्राट चौधरी की तरफ से उन्हें वापस बिहार बुलाने की खबरों ने राज्य के सियासी गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है.
संजय कुमार सिंह की ओडिशा से बिहार कैडर में अंतर-कैडर प्रतिनियुक्ति को लेकर केंद्र सरकार ने प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है. केंद्र ने इस संबंध में ओडिशा सरकार से अधिकारी की सतर्कता स्थिति और उनके संपत्ति के ब्योरे की जानकारी मांगी है.
मूल रूप से बिहार के ही रहने वाले संजय कुमार सिंह राज्य के प्रशासनिक तंत्र को करीब से समझते हैं. इससे पहले वे फरवरी 2008 से फरवरी 2015 तक बिहार में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इस दौरान वे पटना और गया जैसे दो सबसे अहम जिलों के जिलाधिकारी रह चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने गृह विभाग में अपर सचिव और मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव तथा विशेष सचिव जैसे प्रमुख पदों पर रहकर काम संभाला है.
बिहार के अलावा ओडिशा कैडर में भी संजय कुमार सिंह का कार्यकाल काफी चमकदार रहा है. उन्होंने राजधानी भुवनेश्वर में नगर निगम आयुक्त और भुवनेश्वर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के रूप में शहरी विकास की कमान संभाली. वे आईडीसीओ के सीएमडी रहने के साथ-साथ कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और ग्रामीण विकास विभाग में भी सचिव और प्रधान सचिव जैसे वरिष्ठ पदों पर तैनात रहे. हालिया जानकारी के मुताबिक, वे ओडिशा के निर्माण विभाग में प्रधान सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे.
रिपोर्ट: प्रिंस कुमार कुशवाहा