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क्या है अभया ब्रिगेड, जिसे कहा जाता है कि बिहार की पुलिस दीदी? स्कूटी से करेंगी महिलाओं की सुरक्षा, जानें सबकुछ

बिहार में सम्राट सरकार महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर अभय ब्रिगड के तहत काम कर रही है. इसमें तैनात टीम को पुलिस दीदी कहा जाता है. ये लोग महिलओं को सुरक्षा प्रदान करेंगी.

Written By Shailendra
Published: Aug 30, 2026, 12:00 PM IST | Updated: Aug 30, 2026, 12:11 PM IST
Image Credit: बिहार की अभया ब्रिगेड यानी पुलिस दीदी की पूरी कहानी (Photo-AI)
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बिहार में इन दिनों अभया ब्रिगड की खूब चर्चा हो रही है. इसको पूरे राज्य में पुलिस दीदी भी कहा जा रहा है. अब आप सोच रहे होंगे कि ये कौन सी योजना बिहार सरकार लेकर आ गई है. अरे भाई! यह कोई योजना नहीं है, ये बिहार सरकार का एक महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक मिशन है. जिसका मकसद महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को पुख्ता करना है, ताकि राज्य की महिलाओं बिना ही डर के रह सकती है. चलिए इस ऑर्टिकल में जानते हैं कि क्या है अभया ब्रिगेड, जिसे कहा जाता है कि बिहार की पुलिस दीदी?

क्या है अभया ब्रिगेड?
दरअसल, बिहार सरकार और बिहार पुलिस की तरफ से महिलाओं-छात्राओं की सुरक्षा को पुख्ता करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक स्पेशल गश्ती पहल का नाम अभया ब्रिगेड है. इस दस्ते में तैनात महिला पुलिसकर्मियों को आम भाषा में पुलिस दीदी कहा जा रहा है. यह महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों, छेड़खानी और मनचलों पर लगाम कसने के लिए हर थाने के स्तर पर गश्ती दस्ता तैयार किया गया है. इस दस्ते को राज्य सरकार की तरफ से 4,700 से अधिक दोपहिया वाहन दिए हैं, जिनमें 2,700 से ज्यादा स्कूटी महिला पुलिसकर्मियों यानी पुलिस दीदी को दी गई हैं.

पुलिस दीदी का मुख्य काम, जो टीमें करेंगी, जानिए
बिहार की पुलिस दीदी की टीमें मुख्य रूप से स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय परिसरों, कोचिंग सेंटरों, पार्कों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों में स्कूटी से पेट्रोलिंग करेंगी. वह छात्राओं के संस्थान पहुंचने और छुट्टी होने के समय स्कूटी सवार टीमें सड़कों पर सक्रिय रहेंगी, ताकि छात्राएं बिना किसी डर के  आवाजाही कर सकें. पुलिस दीदी रास्ते में मनचलों पर नकेल कसने के अलावा, छात्राओं से सीधी बात करेंगी. साथ ही डायल-112 आपातकालीन सेवा के इस्तेमाल करने के लिए जागरूक करेंगी. वहीं, पुलिस स्टेशन में गठित अभया ब्रिगेड यूनिट का नेतृत्व एक महिला सब-इंस्पेक्टर करती हैं, जिनके साथ महिला और पुरुष कांस्टेबल तैनात रहते हैं.

महिलाओं को रात में भी सुरक्षा प्रदान करेंगी
इतना ही नहीं, अभया ब्रिगेड रात में भी महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करेगी. शहरी इलाकों में रात के समय ड्यूटी या यात्रा से लौटने वाली महिलाओं को सुरक्षा कवच देने के लिए नाइट पेट्रोलिंग भी की जाएगी.

पुलिस दीदियों को स्कूटर दिए गए
26 अगस्त, 2026 दिन बुधवार को बिहार में महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिस दीदियों को स्कूटर दिए गए. सीएम सम्राट चौधरी ने इस दौरान 4,700 टू-व्हीलर को हरी झंडी दिखाई थी. बिहार के होम डिपार्टमेंट के अनुसार, 4,700 गाड़ियों में से 2,700 स्कूटर महिला पुलिस कर्मियों को और 2,000 बाइक पुरुष कांस्टेबलों को दी गईं है. इस दौरान सम्राट सरकार ने कहा था कि इस तैनाती से स्कूल, कॉलेज और दूसरी जगहों पर पेट्रोलिंग मजबूत होगी, जहां महिलाएं और लड़कियां अक्सर आती-जाती हैं.

दिसंबर 2025 में की थी अभया ब्रिगेड की घोषणा
बता दें कि अभया ब्रिगेड की घोषणा बिहार पुलिस हेडक्वार्टर ने दिसंबर 2025 में की थी, जब तत्कालीन होम मिनिस्टर सम्राट चौधरी ने पोर्टफोलियो संभालने के तुरंत बाद कहा था कि ईव-टीजिंग को रोकने के लिए स्कूलों और कॉलेजों के बाहर स्पेशल स्क्वॉड तैनात किए जाएंगे.

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About the Author

शैलेंद्र जी न्यूज के रीजनल चैनल, जी बिहार झारखंड की डिजिटल टीम में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम करते हैं. वह बिहार और झारखंड की सियासत और क्राइम समेत कई समसामयिक मुद्दों पर न्यूज लिखते हैं. वह कभी-कभी राष्ट्रीय मुद्दों पर भी लिखते हैं. उनको मीडिया के तीनों प्रारूप प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल में काम करने का अनुभव. जनसंदेश टाइम्स, स्वतंत्र चेतना, टीवी 100, साधना न्यूज, एफएम न्यूज आदि न्यूज चैनलों से होते हुए न्यूज नेशन, इंडिया अहेड, ईटीवी भारत और न्यूज स्ट्रीट मीडिया (NYOOOZ) में अहम जिम्मेदारी निभाई. मीडिया जगत में सफर पिछले 12 सालों से बिना रुके जारी है.
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