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भागलपुर में आज (1 अक्टूबर, 2026) से गंगा के रास्ते सफर का नया विकल्प शुरू हो गया है. विक्रमशिला सेतु पर परिचालन बंद होने के बाद अब बड़े क्रूज शिप और फेरी जहाज यात्रियों को गंगा के रास्ते नवगछिया की ओर ले जा रहे हैं. सेतु बंद होने की वजह से आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में लोग जलमार्ग का इस्तेमाल करेंगे. ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी बन गई है. यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने गंगा में सुरक्षा का पूरा इंतजाम किया है. जिलाधिकारी के निर्देश पर भागलपुर में SDRF की टीम को तैनात किया गया है, जबकि नवगछिया के तिनटंगा में एनडीआरएफ की टीम मोर्चा संभाल रही है. गंगा में NDRF की 5 बोट और एसडीआरएफ की 11 बोट तैनात की गई है.

प्रशासन ने पूरी की अपनी तैयारी
खास बात यह है कि घाट से फेरी जहाज के रवाना होने के बाद SDRF की टीम उसे स्कॉट भी करती है. टीम जहाज और यात्रियों की निगरानी करती है और सफर के दौरान यात्रियों को सुरक्षा को लेकर लगातार सजग करती है. किसी भी तरह की आपदा, दुर्घटना या अनहोनी की स्थिति में राहत और बचाव के लिए टीमें तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगी. विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद गंगा अब भागलपुर और नवगछिया के बीच आवाजाही का अहम जरिया बनने जा रही है.

रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों के जलमार्ग से सफर करने की संभावना है. ऐसे में जहाजों के परिचालन के साथ-साथ गंगा में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है. विक्रमशिला सेतु की मरम्मत और ट्रस ब्रिज के निर्माण का काम पूरा होने तक करीब 3 से 4 महीने गंगा में SDRF और NDRF की टीमें अलर्ट रहेंगी. यानी आने वाले महीनों में गंगा में जहाजों की आवाजाही के साथ सुरक्षा का पहरा भी लगातार जारी रहेगा.

मुंगेर की यातायात व्यवस्था पर पड़ा असर
विक्रमशिला सेतु पर अगले तीन महीने तक आवागमन बंद रहने का असर मुंगेर की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है. सेतु बंद होने के कारण मुंगेर होकर गुजरने वाले वाहनों की संख्या बढ़ गई है. वाहनों के बढ़ते दबाव और जाम की संभावित समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने की तैयारी पूरी कर ली है. श्रीकृष्ण सेतु पर यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित किया गया है.
वहीं, मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन पर विभिन्न स्थानों पर मजिस्ट्रेट के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने बताया कि विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद मुंगेर में वाहनों का दबाव बढ़ा है. इसे देखते हुए श्रीकृष्ण सेतु की ओर से आने वाले वाहनों को तेलिया तालाब के समीप आवश्यकतानुसार डायवर्ट किया जा रहा है. भागलपुर की ओर जाने वाले वाहनों को मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन के रास्ते भेजा जा रहा है.

प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल-मजिस्ट्रेट की तैनाती
वहीं, पटना की ओर जाने वाले वाहनों के लिए सफियाबाद-पटना एनएच-80 मार्ग का उपयोग किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि इन दोनों मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है. प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है. अधिकारियों को यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर रखने और आवश्यकता के अनुसार वाहनों का मार्ग बदलने का निर्देश दिया गया है.
इसका उद्देश्य आम लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देना है. जिलाधिकारी ने बताया कि मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन पर फिलहाल दो लेन से ही वाहनों का परिचालन कराया जा रहा है. फोरलेन निर्माण का कार्य कई स्थानों पर अभी जारी है. निर्माणाधीन हिस्सों को देखते हुए वाहनों के परिचालन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.
रिपोर्ट: अश्वनी कुमार