उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में बड़ी बगावतः MLC चुनाव में 4 में से तीन विधायक हुए बागी
रालोमो अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में बड़ी टूट देखने को मिल रही है. उनकी पार्टी के 4 में से तीन विधायकों ने विधान परिषद चुनाव में जेडीयू प्रत्याशी का समर्थन करने से साफ इनकार कर दिया है.
बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर काफी हलचल देखने को मिल रही है. MLC चुनाव से पहले एनडीए में शामिल उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोमो (RLM) में बड़ी टूट देखने को मिल रही है. विधान परिषद चुनाव से पहले उपेंद्र कुशवाहा के पार्टी के 4 में से तीन विधायकों (आलोक सिंह, माधव आनंद, रामेश्वर महतो) ने बगावती बिगुल फूंक दिया है. रालोमो के तीनों विधायकों ने NDA समर्थित जेडीयू उम्मीदवार आनंद पुष्कर का समर्थन करने से साफ इनकार कर दिया है. माधव आनंद ने एक्स पर एक ट्वीट करके इसकी घोषणा कर दी है.
माधव आनंद ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान में हम लोगों ने रामपुकार सिन्हा कुशवाहा को समर्थन करने का फैसला लिया है. उन्होंने रामपुकार सिन्हा के नामांकन में शामिल होने की बात कही है. उन्होंने कहा कि हमारी उपस्थिति केवल एक नामांकन कार्यक्रम में सहभागिता नहीं, बल्कि अपने कार्यकर्ताओं के सम्मान उनके विश्वास और उनके मनोबल के साथ मजबूती से खड़ा रहने का संकल्प है. हमारा स्पष्ट मानना है कि कार्यकर्ता का सम्मान ही संगठन का सम्मान और कार्यकर्ताओं का विश्वास ही संगठन की वास्तविक शक्ति है. जेडीयू प्रत्याशी का विरोध करने के बावजूद माधव आनंद ने एनडीए के साथ अपनी एकजुटता की बात कही है. उन्होंने कहा कि एनडीए का विश्वसनीय सहयोगी था और आगे भी एनडीए के साथ पूरी मजबूती एवं प्रतिबद्धता के साथ खड़ा रहेगा.
बता दें कि सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू ने आनंद पुष्कर को मैदान में उतारा है. वहीं, रालोमो के प्रदेश महासचिव राम पुकार सिन्हा कुशवाहा ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर ताल ठोक रहे हैं. सारण शिक्षक सीट के अलावा पटना स्नातक सीट पर भी जेडीयू उम्मीदवार को अंदरूनी कलह का सामना करना पड़ रहा है. यहां मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने पार्टी प्रत्याशी नीरज कुमार का विरोध कर दिया है और वह जन सुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के लिए वोट मांग रहे हैं.