सासाराम में इंसानियत शर्मसार: ट्रैक्टर के कल्टीवेटर से बांधकर अस्पताल लाया गया युवती का शव, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल
Sasaram News: सासाराम के बड्डी थाना क्षेत्र में डूमरखोह जंगल से बरामद युवती के शव को जिस तरह ट्रैक्टर के पीछे लगे हल पर बोरे में बांधकर सदर अस्पताल लाया गया, उससे व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं.
Sasaram News: बिहार के सासाराम से मानवता को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है. यहां जिस तरह एक मानव शरीर की दुर्गति हुई, वह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती है. सासाराम के बड्डी थाना क्षेत्र के डूमरखोह जंगल से एक लड़की का शव बरामद हुआ था. इसके बाद मृतका के शव को ट्रैक्टर के पीछे खेत जोतने वाले कल्टीवेटर के ऊपर बोरे में बांधकर करीब 20 किलोमीटर दूर सासाराम सदर अस्पताल लाया गया. शव को इस तरह अस्पताल लाने की तस्वीर बेहद मार्मिक है.
मृतका की पहचान लक्ष्मी कुमारी के रूप में हुई
बताया जा रहा है कि मृतका की पहचान लक्ष्मी कुमारी के रूप में हुई है, जो बिक्रमगंज के मानी की रहने वाली थी. लक्ष्मी ने करीब दो महीने पहले बड्डी थाना क्षेत्र के विश्रामपुर निवासी पिंकू बिंद से प्रेम विवाह किया था और उसके साथ डूमरखोह जंगल के पास रह रही थी. बाद में लक्ष्मी का शव जंगल में स्थित एक पुराने कुएं से बरामद हुआ. पुलिस ने शव को कुएं से बाहर निकलवाया, जिसके बाद उसे सासाराम सदर अस्पताल लाया गया. हालांकि, शव को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए जिस तरीके का इस्तेमाल किया गया, उसने व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर सवाल खड़े कर दिए.
पोस्टमार्टम के लिए पटना भेजा गया शव
शव की हालत पहले से ही काफी खराब थी. सासाराम सदर अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को देखते हुए पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया. अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ. अजीत कुमार ने बताया कि शव को फॉरेंसिक तरीके से पोस्टमार्टम कराने के लिए पटना भेजा गया है. अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मानवीय संवेदनाएं कहां चली गईं? एक मृतका के शव को सम्मानजनक तरीके से अस्पताल पहुंचाने के बजाय उसे ट्रैक्टर के पीछे लगे कल्टीवेटर पर बांधकर ले जाना कई सवाल खड़े करता है.
हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई
वहीं, पुलिस ने इस मामले को हत्या का मामला बताया है और कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कही है. हालांकि, ट्रैक्टर के पीछे लगे कल्टीवेटर पर शव को बांधकर अस्पताल लाए जाने के संबंध में पुलिस ने अनभिज्ञता जताई है. ऐसे में सवाल सिर्फ लक्ष्मी की मौत का नहीं, बल्कि उसके शव के साथ बरती गई कथित लापरवाही और अमानवीय व्यवहार का भी है. इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
रिपोर्ट: अमरजीत कुमार यादव