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सासाराम में नकली पुलिस का बड़ा खेल: वर्दी पहनकर हाईवे पर करते थे अवैध वसूली, 5 गिरफ्तार

Rohtas News: सासाराम के शिवसागर थाना क्षेत्र में पुलिस ने पांच फर्जी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है. आरोपी पुलिस और कमांडो की वर्दी पहनकर NH-19 पर वाहन चालकों से अवैध वसूली की योजना बना रहे थे. इनके पास से दो देसी कट्टा, चार जिंदा कारतूस बरामद हुई है.

सासाराम में नकली पुलिस का बड़ा खेल: वर्दी पहनकर हाईवे पर करते थे अवैध वसूली, 5 गिरफ्तार
Image Credit: सासाराम में नकली पुलिस बनकर हाईवे पर करते थे अवैध वसूली, 5 गिरफ्तार (zee media)

Rohtas News: बिहार के सासाराम के शिवसागर थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर पखनारी के पास पुलिस की वर्दी पहनकर सड़क से गुजर रही गाड़ियों से अवैध वसूली और लूट की योजना बना रहे पांच नकली पुलिसकर्मियों को असली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. ये पांचों फर्जी पुलिसकर्मी पुलिस और कमांडो की फुल ड्रेस में थे. इनके पास से पुलिस लिखी हुई एक वाहन और दो देसी कट्टा और चार जिंदा कारतूस भी मिले हैं. इसके अलावा असली पिस्टल जैसा दिखने वाला खिलौना वाला पिस्टल भी बरामद किया गया है.

रात में वर्दी पहनकर करते थे अवैध वसूली
बताया जाता है कि ये लोग रोहतास और कैमूर के सीमावर्ती इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर ज्यादातर रात के समय पुलिस की वर्दी पहनकर घूमते थे और वाहन चालकों तथा ट्रक चालकों से अवैध वसूली करते थे. इसी सूचना पर शिवसागर थाना की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रोहतास जिले के तीन और कैमूर जिले के दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है. मुख्य सरगना प्रवीण सिंह शिवसागर के कोनार का रहने वाला है, जबकि दिवाकर कुमार सिंह कैमूर जिले के सवार थाना क्षेत्र के अमाव गांव का निवासी है.

दरोगा की वर्दी में थे दो आरोपी
प्रवीण सिंह और दिवाकर कुमार सिंह पुलिस इंस्पेक्टर और दरोगा की फुल वर्दी पहने हुए थे. वहीं, तीन अन्य अपराधी कैमूर के कुदरा निवासी वीरेंद्र कुमार, रोहतास जिले के करगहर निवासी इसरार आलम और चेनारी के छितराटांड़ निवासी रजनीश कुमार कमांडो की ड्रेस में थे. पकड़े गए सभी अपराधियों में इसरार आलम और दिवाकर कुमार सिंह का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है.

2017 बैच का दरोगा बताकर कर रहे थे पूछताछ
सासाराम के एसडीपीओ गौरव यादव ने बताया कि पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए इन सभी नकली पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है. पूछताछ के दौरान ये लोग खुद को 2017 बैच का दरोगा बता रहे थे. पुलिस अब इनके गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूर्व की घटनाओं के बारे में भी जानकारी जुटा रही है.

रिपोर्ट: अमरजीत कुमार यादव

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Rupak Kumar

Rupak Kumar

रुपक कुमार मिश्रा zee bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-editor के तौर पर कार्यरत है. वे राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और रुटीन खबरों पर काम करते हैं. इसके अलावा, टेक्नोसिस मीडिया में इन्हें एक साल काम करने का अनुभव है. शिक्षा की बात करें तो राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से इन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है.
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