Bihar Flood: बाढ़ पीड़ितों को ₹7-7 हजार दे रही सम्राट सरकार, आपको नहीं मिला पैसा तो ऐसे करें आवेदन
बिहार में आई बाढ़ से लगभग 49.72 लाख लोग प्रभावित हो रहे हैं. सम्राट सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों को 7-7 हजार रुपये दिए जा रहे हैं. 15 सितंबर को 8 लाख 27 हजार 472 परिवारों को इसका लाभ मिला था. हालांकि, अब भी काफी संख्या में लोगों को इसका लाभ नहीं मिला है.
बिहार में आई बाढ़ से लगभग 49.72 लाख लोग और 55 हजार हेक्टेयर भूमि बाढ़ प्रभावित हुई है. सम्राट सरकार की ओर से राहत-बचाव का काम चल रहा है. आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 13 राहत शिविरों में 11,508 बाढ़ शरणार्थियों के लिए रहने, भोजन, चिकित्सा आदि की व्यवस्था की गई है. वहीं, 1 हजार 89 कम्युनिटी किचन से लगभग 147.73 लाख लोगों को सुबह-शाम का भोजन कराया जा चुका है. लोगों के आवागमन के लिए 1,358 सरकारी नावें चलाई जा रही हैं. इसके अलावा पालतू पशुओं के चारे की व्यवस्था की गई है. राज्य में अबतक 14,251 क्विंटल पशुचारा का वितरण हो चुका है. लोगों की मदद के लिए एसडीआरएफ की 27 व एनडीआरएफ 10 टीमें तैनात हैं. अब सम्राट सरकार बाढ़ पीड़ितों को 7-7 हजार रुपये आर्थिक सहयोग दे रही है.
8,27,472 परिवारों को मिली मदद
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 15 सितंबर को 8 लाख 27 हजार 472 बाढ़ पीड़ित परिवारों के खाते में 7-7 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे. हालांकि, अब भी काफी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, उन्हें सहायता राशि नहीं मिल पाई है. अगर आपको भी अभी तक पैसा नहीं मिला है, तो यह खबर आपके लिए ही है. जिन लोगों को पैसा नहीं मिला है, उनके लिए बिहार सरकार की ओर से संपूर्ति पोर्टल को फिर खोल दिया गया है. पीड़ित परिवार अपने पंचायत के मुखिया, पंचायत सचिव या वार्ड सदस्य को लिखित आवेदन दे सकते हैं. इसके अलावा सीओ ऑफिस या फिर जिला आपदा शाखा में भी जाकर आवेदन कर सकते हैं.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
- परिवार के मुखिया का आधार कार्ड
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी
- चालू मोबाइल नंबर
- राशन कार्ड (यदि उपलब्ध हो)
सत्यापन के बाद मिलेंगे पैसे
आपकी ओर से दिए गए आवेदनों की जांच पंचायत स्तरीय अनुश्रवण समिति करेगी. सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंचलाधिकारी (सीओ) संपूर्ति पोर्टल पर पीड़ित का नाम और बैंक खाता जोड़ देंगे. दूसरे चरण में सत्यापित परिवारों के खाते में सीधे 7-7 हजार रुपए भेज दिए जाएंगे.