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'नीतीश कुमार दो बार आए हैं, एक बार और आ जाएंगे तो कोई गुनाह हो जाएगा क्या?' लालू यादव के करीबी नेता का बड़ा बयान

मनेर विधानसभा सीट से राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने बिहार सरकार पर बोला बड़ा हमला. इस दौरान नीतीश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया, जिससे सूबे की सियासत में हलचल तेज हो गई है.

'नीतीश कुमार दो बार आए हैं, एक बार और आ जाएंगे तो कोई गुनाह हो जाएगा क्या?' लालू यादव के करीबी नेता का बड़ा बयान
Image Credit: राजद विधायक भाई वीरेंद्र (Photo- Z News)

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने 26 सितंबर, 2026 दिन शनिवार को जमुई पहुंचे. यहां पर उन्होंने बिहार सरकार पर बड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा कि नाबालिग बच्चियों के साथ छेड़खानी का मामला जमुई से शुरू हुआ और बिहार के कई हिस्सों में दर्जनों घटनाएं सामने आई हैं. इस दौरान राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने नीतीश कुमार को लेकर बहुत बड़ा बयान दे दिया. वह जिस बात को कहते हैं और दावा करते हैं, एक फिर उन्होंने वही बात कही कि नीतीश कुमार वापस आ जाये.  

'एक बार और आ जाएंगे तो कोई गुनाह हो जाएगा क्या?'
लालू यादव के करीबी नेता माने जाने वाले राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि नीतीश कुमार पर मेरी नीतीश कुमार से बात हो गई है. अंदरूनी बातचीत हुई है, जो बात हम कैमरे पर नहीं कर सकते. वह दो बार आए हैं, एक बार और आ जाएंगे तो कोई गुनाह हो जाएगा क्या? इस दौरान निशांत कुमार को लेकर भी उन्होंने कहा कि अंदरखाने बात हो रही है. अभी रहने दीजिए, अभी कुछ नहीं कहना है. अभी बात चल रही है.

खैर, वह बिहार सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर हमालवर दिखे. राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि बांका से लेकर समस्तीपुर तक घटनाएं हुई हैं, लेकिन बिहार सरकार इस पर संज्ञान नहीं ले रही है. घटनाएं बिहार के कई हिस्सों और कई जिलों में हुईं, लेकिन कार्रवाई सिर्फ जमुई जिले में ही हुई है, वह भी हाफ एनकाउंटर हुआ है. दूसरी जगहों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? मैं सरकार से पूछना चाहता हूं.

उन्होंने कहा कि अन्य जगहों पर भी छेड़छाड़ और बलात्कार की घटनाएं हुई हैं, लेकिन अपराधियों का एनकाउंटर क्यों नहीं हुआ? सिर्फ जाति देखकर एनकाउंटर किया जा रहा है. हालांकि, मैं जाति की राजनीति नहीं करता, लेकिन अन्य जातियों में भी अपराधी हैं, उनका एनकाउंटर क्यों नहीं हो रहा है? सरकार में शामिल कई मंत्री अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं और एक जाति विशेष को टारगेट कर रहे हैं. यह अच्छी बात नहीं है और लोकतंत्र के लिए खतरे का विषय है.

वहीं, 'हम' पार्टी के नेता जीतन राम मांझी की तरफ से दिए गए बयान, जिसमें उन्होंने जमुई की घटना को लेकर तेजस्वी यादव को टारगेट किया था और नंदन यादव और हरिराम यादव का नाम आया था. इसपर भाई वीरेंद्र ने कहा कि जीतन राम मांझी मानसिक रूप से बीमार हैं और उन्हें इलाज की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती है. जो भी अपराधी है, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए और अपराधियों का एनकाउंटर होना चाहिए. किसी एक अमुक जाति की पहचान कर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए. हर जाति के लोगों ने इस तरह के कार्य किए हैं, इसलिए सभी पर कार्रवाई होनी चाहिए.

शांभवी चौधरी पर भी साधा निशाना
समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी की ओर से पासवान जाति का अपराधी होने के कारण प्रेस रिलीज में से नाम हटाकर शेयर करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी सरकार है और उनके की तरफ से समाज को जाति विशेष में बांटने का काम किया गया है. आने वाले समय में जनता उन्हें माफ नहीं करेगी.

225 लोगों पर FIR को लेकर मुख्यमंत्री पर भी कार्रवाई की मांग
जमुई में सोशल मीडिया पर नाबालिग का वीडियो शेयर करने और पहचान उजागर करने के मामले में 225 लोगों पर FIR दर्ज होने और मुख्यमंत्री की तरफ से भी नाबालिग बच्ची की पहचान उजागर किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के जो मुखिया हैं, हम लोगों के नेता, उन्होंने मांग की है और मैं उनका समर्थन करता हूं. मुख्यमंत्री पर भी पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत कार्रवाई होनी चाहिए.

उन्होंने अपील करते हुए कहा कि मैं आज की जेनरेशन-जी (Gen Z) से कहना चाहता हूं कि किसी भी नेता पर भरोसा न करें. देश को बचाना है तो खुद सड़क पर आइए, आप लोग देश का भविष्य हैं. देश को सुरक्षित रखने के लिए इन नेताओं को हटाना जरूरी है.

UCC लागू हुआ तो सड़क से सदन तक करेंगे आंदोलन
समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर उन्होंने कहा कि हम लोगों ने इसका विरोध किया है. हम लोगों ने कहा है कि किसी भी हाल में यहां UCC लागू नहीं होने देंगे. अगर लागू होगा तो हम लोग सड़क से सदन तक विरोध और आंदोलन करेंगे. जब तक UCC को वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक हम लोग आंदोलन करते रहेंगे.

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कड़ा प्रहार
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने अन्य दो चुनाव आयुक्तों से बिना राय लिए, चाहे बिहार चुनाव हो या बंगाल चुनाव, कई फैसले लिए हैं. ज्ञानेश कुमार कोई चुनाव आयुक्त नहीं हैं, वह बीजेपी के कैडर हैं. एक और बड़ी बात कहते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के यहाँ जो भी अफसर हैं, सारे गलत तरीके से बैठाए गए हैं. बीजेपी को खुश करने के लिए आईएएस-आईपीएस बनाया गया है. मैं आपके माध्यम से मांग करता हूं कि ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करते हुए फांसी के फंदे तक ले जाना चाहिए.

रिपोर्ट: अभिषेक निरला

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Shailendra

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शैलेंद्र जी न्यूज के रीजनल चैनल, जी बिहार झारखंड की डिजिटल टीम में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम करते हैं. वह बिहार और झारखंड की सियासत और क्राइम समेत कई समसामयिक मुद्दों पर न्यूज लिखते हैं. वह कभी-कभी राष्ट्रीय मुद्दों पर भी लिखते हैं. उनको मीडिया के तीनों प्रारूप प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल में काम करने का अनुभव. जनसंदेश टाइम्स, स्वतंत्र चेतना, टीवी 100, साधना न्यूज, एफएम न्यूज आदि न्यूज चैनलों से होते हुए न्यूज नेशन, इंडिया अहेड, ईटीवी भारत और न्यूज स्ट्रीट मीडिया (NYOOOZ) में अहम जिम्मेदारी निभाई. मीडिया जगत में सफर पिछले 12 सालों से बिना रुके जारी है.
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