बिहार में नदियों का महातांडव: भागलपुर में गंगा के कटाव से पुरानी रेल लाइन पर खतरा, भोजपुर और बगहा में दियारा क्षेत्र जलमग्न
बिहार में नदियों का महातांडव देखने को मिल रहा है. भागलपुर में गंगा के कटाव से पुरानी रेल लाइन पर खतरा मंडरा रहा है. वहीं, भोजपुर और बगहा में दियारा क्षेत्र जलमग्न हो चुके हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है.
बिहार में कई नदियों का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. भागलपुर के राघोपुर में गंगा नदी के कटाव ने विकराल रूप ले लिया है, जिससे पुरानी रेल लाइन तटबंध पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र लगातार कटाव स्थल पर डटे हुए हैं और बड़े जहाजों के जरिए युद्धस्तर पर कटावरोधी कार्य कराया जा रहा है. इसी बीच, सांसद अजय मंडल द्वारा लगाए गए पैसे की लूट के आरोपों पर मंत्री ने कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि सांसद जनता को उकसाकर फेक नैरेटिव गढ़ रहे हैं, जिसके पीछे उनका अपना राजनीतिक स्वार्थ है. वर्तमान में तेज कार्यों के चलते कटाव पर अस्थायी रोक लगी है, लेकिन स्थानीय लोग जलस्तर घटने के बाद 'शीट पाइलिंग' तकनीक से पक्का कार्य कराने की मांग कर रहे हैं. भागलपुर शहरी और सबौर क्षेत्र में गंगा खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर और सुल्तानगंज में डेढ़ मीटर ऊपर बह रही है, जिससे निचले इलाकों में दहशत का माहौल है.
अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश
भोजपुर में सोन और गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने तबाही मचा दी है. शाहपुर और बड़हरा प्रखंड के दियारा इलाकों में पानी भर जाने से जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. शाहपुर के सारनपुर, सुरेमपुर, लच्छू टोला और बड़हरा के पिपरपाती, बखोरापुर और महुली जैसे गांवों से सैकड़ों परिवार अपने मवेशियों के साथ बिहिया प्रखंड के तेघरा गांव के ऊंचे स्थानों पर पलायन कर चुके हैं. पशुपालकों के सामने चारे और सुरक्षित ठिकाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जबकि कई ग्रामीण सरकारी स्कूलों में शरण लेने को मजबूर हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए भोजपुर के जिलाधिकारी मनेश मीणा ने प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं. विस्थापितों के लिए सामुदायिक रसोई, चिकित्सा सुविधा और राहत सामग्री की व्यवस्था की जा रही है. साथ ही, आम लोगों से नदियों के किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है.
रोजाना कई एकड़ जमीन निगल रही जमीन
नेपाल सीमा से सटे वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 1 लाख 26 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद बगहा के निचले इलाकों में गंडक नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. मधुबनी प्रखंड के चिउरही पंचायत अंतर्गत रेवहिया गांव में बाढ़ का पानी घुसने से दर्जनों परिवार प्रभावित हुए हैं. महज एक महीने में दूसरी बार आई बाढ़ और लगातार जारी कटाव के कारण लोग अपने घर और आशियाने खुद तोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर भाग रहे हैं. स्थानीय मुखिया विजय यादव के अनुसार, नदी रोजाना कई एकड़ जमीन निगल रही है, लेकिन जल संसाधन विभाग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए. सूचना मिलते ही एमएलसी सौरभ कुमार ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया और अधिकारियों को तुरंत राहत कार्य व कटावरोधी उपाय शुरू करने के सख्त निर्देश दिए.
हरि भूषण ठाकुर बचौल ने तेजस्वी पर साधा निशाना
इस प्राकृतिक आपदा के बीच बिहार में सियासी पारा भी चढ़ गया है. बाढ़ की स्थिति पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की आलोचना का जवाब देते हुए पूर्व भाजपा विधायक हरि भूषण ठाकुर बचौल ने कहा कि वे अब बिहार की गंभीर राजनीतिक श्रेणी में नहीं आते. उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहने के बावजूद तेजस्वी यादव जमीनी हकीकत से दूर रहते हैं, जबकि मुख्यमंत्री खुद रात के तीन बजे तक जागकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और हवाई सर्वेक्षण के जरिए राहत कार्यों का जायजा ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह मुस्तैद है और बिहार के खजाने पर पहला हक बाढ़ पीड़ितों का है.
-जी मीडिया रिपोर्ट