बेगूसराय राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की होगी स्थापना, कैबिनेट ने दी प्रस्ताव को मंजूरी
राष्ट्रकवि दिनकर की जन्मभूमि बेगूसराय को बड़ी सौगात मिली है. आज सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी मिल गई है. इससे लोगों में खुशी का माहौल है.
आज (23 सितंबर, 2026) सम्राट कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कुल 24 एजेंडों पर मुहर लगी है. इस दौरान बेगूसराय के लिए दिनकर जयंती पर बड़ी खुशखबरी सामने आई है. राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मभूमि बेगूसराय में अब उनके नाम से रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना होगी. बिहार मंत्रिपरिषद ने विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. विश्वविद्यालय की स्थापना के क्रम में पदाधिकारी और कर्मियों के वेतनादि के लिए 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति का प्रावधान किया गया है.
नई संभावनाओं का रास्ता खुलने की उम्मीद
इस फैसले के बाद बेगूसराय में शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई संभावनाओं का रास्ता खुलने की उम्मीद है. बता दें कि बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर लंबे समय से चल रही मांग अब पूरी होने की दिशा में आगे बढ़ गई है.
बेगूसराय सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 22 जून 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के दौरान दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था. इसके बाद 19 जुलाई को बेगूसराय के आईओसीएल स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में भी उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने यह मांग रखी थी. इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिनकर की जन्मभूमि पर उनके नाम से विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की थी.
एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार
घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने प्रस्तावित स्थायी परिसर के लिए 15 एकड़ जमीन चिह्नित कर उच्च शिक्षा विभाग को प्रतिवेदन भेजा. अब बिहार मंत्रिपरिषद की मंजूरी के साथ विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार हो गया है. प्रस्तावित विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा और शोध के साथ साहित्य और भारतीय चिंतन से जुड़े अध्ययन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. इससे स्थानीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर मिल सकते हैं.
दिनकर जयंती के मौके पर मिली यह मंजूरी बेगूसराय के लिए खास मानी जा रही है. संकल्प से घोषणा, घोषणा से भूमि चिह्नांकन और अब कैबिनेट की मंजूरी- रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय का सपना साकार होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ चुका है. इस दौरान आज रामधारी सिंह दिनकर जी की जयंती जिला प्रशासन एवं उनके गांव में बड़ी धूमधाम से मनाई गई है.
रिपोर्ट: जितेंद्र चौधरी