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13 बच्चों की मौत पर राजनीति: तेजस्वी ने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए CM को पत्र लिखा, श्याम रजक बोले- जनप्रतिनिधि 40 घंटे बाद पहुंचा

बिहार में 13 बच्चों की मौत पर राजनीति गरमा गई है. तेजस्वी ने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए CM को पत्र लिखा है. वहीं, इसके लेकर JDU विधायक श्याम रजक ने कहा कि लोग अपने चुने हुए प्रतिनिधि को ढूंढ रहे थे, जो 24 घंटे बाद स्थिति को लेकर जागा और 40 घंटे बाद मौके पर पहुंचा. लोगों का गुस्सा जायज है.

Edited By Ranjana Kumari
Published: Oct 16, 2026, 01:13 PM IST | Updated: Oct 16, 2026, 01:51 PM IST
Image Credit: राघोपुर नाव हादसा (AI IMAGE)
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वैशाली जिले के राघोपुर विधानसभा क्षेत्र में नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत हो गई. इसके बाद RJD के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे, जमीन और सरकारी नौकरी की मांग की है. उन्होंने हादसे के लिए सरकार की उदासीनता, नीतिगत विफलता और प्रशासनिक कुव्यवस्था को जिम्मेदार ठहराते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

सरकार नहीं उठा रही अपनी जिम्मेदारी

इसे लेकर RJD के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि राघोपुर नाव हादसे में 13 लोग अपनी जानें गंवाई, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पत्र लिखा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को राज्य सरकार की विफलताओं का, उदासीनता का कलई खोल करके रख दिया है. रिंग बांध का सवाल हो, स्वास्थ्य सेवा की बात हो, जिस तरह से लापरवाही हुई, इसको हम आपदा की श्रेणी में नहीं रख सकते हैं. यह गवर्नमेंट की क्रिमिनल नेग्लिजेंसी है और यह मुकदमा हत्या का होना चाहिए. जो जिम्मेवारी सरकार को उठानी है, वह जिम्मेवारी सरकार नहीं उठा रही है. एम्बुलेंस नहीं था समय पर, जान बच सकती थी, ऑक्सीजन नहीं मिला. सब जानते हैं कि पानी में तड़पने के बाद क्या स्थिति रहती है. रेफरल अस्पताल है बगल में मोहनपुर में, उसको कोई देखने वाला नहीं है.

'पट्टी बांधकर मरीज को भेज दिया जाता है'

शक्ति यादव ने आगे कहा कि उन्होंने 'रिंग बांध ' का भी जिक्र किया, जो तेजस्वी के कार्यकाल के दौरान मंजूर की गई एक परियोजना थी. एक ऐसी बात जिसे उन्होंने अपने पत्रों में भी रेखांकित किया. मैंने देखा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वीकारा है कि बिहार में स्वास्थ्य सेवाएं ठप हैं. डॉक्टर समुचित इलाज नहीं करते हैं. जिला अस्पतालों, अनुमंडलीय अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) की स्थिति अब केवल 'रेफरल सेंटर' बनकर रह गई है. यहां बस थोड़ा बीटाडीन लगाकर और पट्टी बांधकर मरीज को कहीं और भेज दिया जाता है.

भगवान भरोसे चल रही है बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था

उन्होंने आगे कहा- PMCH और NMCH की हालत के बारे में तो कुछ कहना ही बेकार है. बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से भगवान भरोसे चल रही है. इस सच्चाई को स्वीकार करना होगा और भले ही मुख्यमंत्री ने इसे मान लिया है, लेकिन सवाल यह है कि असल में काम कौन करेगा? यह किसकी जिम्मेदारी है? यह सरकार की जिम्मेदारी है, इसलिए एक गंभीर प्रतिबद्धता की जरूरत है. राज्य सरकार सिर्फ कोरे वादों या बयानबाजी से नहीं चलाई जा सकती.

आपदा प्रबंधन टीम का देर से पहुंचना घोर लापरवाही

इस बीच, कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अजय कुमार पासवान ने कहा कि राघोपुर की घटना बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन की विफलता को उजागर करती है. रात के समय नाव का चलना और घटना के बाद आपदा प्रबंधन टीम का देर से पहुंचना साफ तौर पर घोर प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करती हैं, जिसके कारण पीड़ितों के परिवारों को भारी कष्ट उठाना पड़ा है. कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि मृतकों के परिवारों को न केवल मुआवजा दिया जाए, बल्कि उन्हें रोजगार भी उपलब्ध कराया जाए. कांग्रेस पार्टी, विपक्ष के नेता द्वारा रखी गई मांगों का पूरा समर्थन करती है और मजबूती से उनके साथ खड़ी है. जब तक प्रभावित परिवारों को राहत नहीं मिल जाती, तब तक कांग्रेस पार्टी उन्हें हर संभव मदद और संसाधन उपलब्ध कराती रहेगी.

जनता का गुस्सा पूरी तरह से जायज है 

JDU विधायक श्याम रजक ने तेजस्वी के इस पत्र को लेकर एक अहम बयान दिया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सिर्फ एक पत्र सौंप देने से कुछ हासिल हो जाएगा? चुने हुए प्रतिनिधि जनता की सेवा करते हैं, जनता ही असली मालिक है और प्रतिनिधि उनके सेवक हैं. अगर कोई सेवक अपना कर्तव्य निभाने में नाकाम रहता है, तो मालिक उसे हटा देते हैं. नाव हादसा हुआ, एक ऐसी त्रासदी जो हाल के दिनों में पहले कभी नहीं देखी गई. इस त्रासदी के बाद लोग अपने चुने हुए प्रतिनिधि को ढूंढ रहे थे, जो 24 घंटे बाद स्थिति को लेकर जागा और 40 घंटे बाद मौके पर पहुंचा. इसलिए, जनता का गुस्सा पूरी तरह से जायज है और उन्हें इस गुस्से का सामना करना पड़ रहा है. अब वो खानापूर्ति करने के लिए अपने पितामह, अपने पिता श्री, अपने नेता लालू यादव जी के यहां ला रहे हैं.

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उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं किया

पूरे मामले को लेकर बीजेपी के प्रवक्ता नीरज कुमार शर्मा ने कहा कि राघोपुर की घटना अत्यंत दुख दाई है. केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने घटना के तुरंत बाद मुआवजे का ऐलान किया, 4 लाख और 2 लाख रुपये का ऐलान किया, मुआवजा उनको मिल चुका है. सरकार अपने स्तर से सारा काम कर रही है, लेकिन दुर्भाग्य है कि लालू परिवार 30 वर्षों से अधिक समय से वहां लगातार विधायक रहा, लालू यादव रहे, राबड़ी देवी रहीं, अभी तेजस्वी यादव जी हैं. लेकिन उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं किया. यातायात की सुविधा भी आज वहां सही ढंग से ये लोग 30 सालों में नहीं दे पाए हैं.

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रंजना कुमारी Zee Bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-Editor अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. बिहार के सिवान जिले के जीरादेई से ताल्लुक रखने वाली रंजना स्थानीय और जमीनी मुद्दों पर गहरी पकड़ रखती हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वे मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और देश-दुनिया की अहम रूटीन खबरों को प्रमुखता से कवर करती हैं. Zee Media का हिस्सा बनने से पहले रंजना ने न्यूज इंडिया 24x7 में भी डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी थीं. एकेडमिक की बात करें तो रंजना GJU से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं.
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