दिल्ली से आते ही राघोपुर पहुंचे तेजस्वी यादव: पीड़ित परिजनों से की मुलाकात, नाव हादसे में 13 बच्चों की हुई है दर्दनाक मौत
राजद नेता तेजस्वी यादव अपने विधानसभा क्षेत्र में हुए नाव हादसे में पीड़ित परिवार से मुलाकात की. उन्होंने इस दौरान बिहार सरकार पर निशाना साधा.
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव 14 अक्टूबर, 2026 दिन बुधवार को वैशाली के राघोपुर पहुंचे. उन्होंने नाव हादसे पर गहरा शोक जताया. तेजस्वी कहा कि उन्हें 13 अक्टूबर 2026 (मंगलवार की) रात इस घटना की जानकारी मिली थी. राजद नेता तेजस्वी यादव ने सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और यह जांच की जानी चाहिए कि किसकी लापरवाही के कारण इस तरह की दुर्घटना हुई.
पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि कल (मंगलवार की) यह घटना बेहद दर्दनाक है. जिस किसी ने भी इस घटना को नजदीक से देखा होगा, उसके दिल पर क्या गुजरी होगी. स्थानीय प्रशासन और सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर अस्पताल में उचित व्यवस्था होती, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी, लेकिन अस्पताल में ऑक्सीजन और एंबुलेंस की कमी के कारण कई बच्चे काल के गाल में समा गए.
बता दें कि इससे पहले 14 अक्टूबर, 2026 दिन बुधवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दिल्ली से पटना पहुंचे. यहां पर उन्होंने कहा कि रात में नाव कैसे चलाई जा रही थी? हमारी पार्टी के लोग भी रात में ही मौके पर पहुंच गए थे. उन्होंने घोषणा की कि वह अभी पीड़ितों से मिलने जा रहे हैं और पार्टी की तरफ से भी पीड़ितों को आर्थिक मदद दी जाएगी. साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की कि वह आर्थिक सहायता के साथ-साथ पीड़ित परिवारों को तीन-तीन डिसमिल जमीन भी उपलब्ध कराए. इसके बाद वे तुरंत अपने विधानसभा क्षेत्र पहुंचे और पीड़ित परिजनों से मुलाकात की.
जिला प्रशासन ने क्या कहा जानिए
वैशाली की डीएम वर्षा सिंह ने बताया कि हादसे में शामिल नाव निजी तौर पर पंजीकृत है. नाव किसके नाम पर है, इस संबंध में स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट मिल गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि नाव के मालिक और उसका परिचालन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा जिन अधिकारियों पर निगरानी की जिम्मेदारी थी, उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि अंचल अधिकारी और थाना अध्यक्ष की जिम्मेदारी है कि वे अपने तंत्र के माध्यम से ऐसी घटनाओं को रोकें और स्वयं भी निगरानी रखें.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित नाव का पहले से भी परिचालन किया जा रहा था. इसे प्रशासनिक चूक बताते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी. ग्रामीणों की तरफ से नाव उपलब्ध कराने की मांग किए जाने के सवाल पर डीएम ने कहा कि प्रशासन को इस संबंध में कोई पूर्व अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ था. उन्होंने कहा कि अगर ग्रामीणों की ओर से नाव या सड़क संपर्क की मांग आती है, तो प्रशासन उस पर संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाएगा.
ध्यान दीजिएगा कि वैशाली के राघोपुर में मंगलवार की रात भोज खाने जा रहे बच्चों से भरी एक नाव नदी के बीचों-बीच पलट गई. नाव पर सवार 20 लोग नदी में डूबने लगे, जिसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से 7 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. वहीं, नदी में डूबने से 13 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई. इस हादसे की सूचना पूरे देश में सनसनी की तरह फैल गई.
रिपोर्ट: राजकुमार सिंह