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जमुई में एक तरफ नाबालिग से छेड़खानी के मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल पुलिस के द्वारा लगातार अलर्ट मोड में रहने और त्वरित कार्रवाई का निर्देश दे रहे हैं. वहीं, जिले से सामने आया एक वीडियो पुलिस की व्यवस्था और इमरजेंसी सेवा की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रहा है. दरअसल, मामला चकाई थाना क्षेत्र के चकाई चौक का है, जहां बिहार की इमरजेंसी सेवा कही जाने वाली डायल 112 की पुलिस वाहन को सड़क पर धक्का लगाते हुए देखा गया, जिस सेवा की जिम्मेदारी किसी भी आपात स्थिति में लोगों तक तत्काल पहुंचकर मदद उपलब्ध कराने की है. उसी वाहन को अगर मौके पर पहुंचने के लिए धक्का लगाने की जरूरत पड़ जाए, तो इमरजेंसी में फंसे लोगों को समय पर पुलिस सहायता कैसे मिलेगी? यह एक बड़ा सवाल है.
पुलिस के त्वरित कार्रवाई पर सवाल
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि डायल 112 के वाहन को आगे बढ़ाने के लिए पुलिसकर्मी और अन्य लोग धक्का लगा रहे हैं. लिहाजा, ऐसी स्थिति में बिहार पुलिस के त्वरित कार्रवाई और घटनास्थल पर तत्काल पहुंचने के दावे पर सवाल उठना स्वाभाविक है. पुरानी व्यवस्था में अक्सर जीप को धक्का मारकर स्टार्ट करने की तस्वीरें सामने आती थीं.
मामले में थाना प्रभारी ने क्या कहा?
अब समय बदल गया है और पुलिस के पास अत्याधुनिक संसाधनों से लैस डायल 112 जैसी इमरजेंसी सेवा है, लेकिन अगर यही वाहन सड़क पर धक्का मारकर चलाया जाएगा, तो व्यवस्था में बदलाव का दावा कितना जमीन पर उतर पाया है, इसका अंदाजा इस वीडियो से लगाया जा सकता है. वहीं, इस मामले में चकाई थाना प्रभारी सर्वजीत कुमार ने कहा कि डायल 112 की पुलिस वाहन का सेल्फ खराब हो गया था, जिसे धक्का देकर साइड किया गया और फिर मिस्त्री बुलाकर उसे बनवाया गया.
आरोपी के फरार होने का मामला
भागलपुर में पुलिस की गिरफ्त से आरोपी के फरार होने का मामला सामने आया है. जगदीशपुर में आर्म्स एक्ट का आरोपी संतोष यादव हथियार के साथ पकड़ा गया, लेकिन पुलिस उसे थाने ले जाती, उससे पहले ही वह सिपाही को चकमा देकर उफनती चांदन नदी में कूद गया. इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है. आरोपी के नदी में कूदने के बाद सिपाही तो किसी तरह बाहर निकल आया, लेकिन संतोष यादव तेज बहाव में बहकर आगे चला गया और अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है.
अचानक नदी में कूद गया आरोपी
घटना सैदपुर घाट के पास की है. पुलिस ने संतोष यादव को देसी कट्टा और कारतूस के साथ पकड़ा था. इसके बाद उसे चचरी पुल के रास्ते पुलिस वाहन तक ले जाया जा रहा था. इसी दौरान आरोपी अचानक नदी में कूद गया. सवाल यह है कि हथियार के साथ गिरफ्तार आरोपी पुलिस की निगरानी में था, फिर वह पुलिस को चकमा देकर नदी तक कैसे पहुंच गया? क्या आरोपी को ले जाते वक्त पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे? आखिर पुलिस की गिरफ्त से आरोपी के निकलने की नौबत क्यों आई?
कार्रवाई पर खड़े हो रहे गंभीर सवाल
जगदीशपुर पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुटी है. वहीं, परिजन किसी अनहोनी की आशंका जता रहे हैं और नदी में सर्च ऑपरेशन चलाने की मांग कर रहे हैं. पुलिस की इस पूरी कार्रवाई पर अब कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि कानून की पकड़ कैसी है कि पुलिस के साथ आरोपी नदी में कूद जाता है? क्या इसी तरह की पुलिसिंग को बिहार पुलिस बेहतर पुलिसिंग कहती है?
भागलपुर से अश्विनी कुमार और जमुई से अभिषेक निरला की रिपोर्ट