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पूर्व मध्य रेलवे के बरहरवा-धनौरी रेल लाइन को मिलेगी रफ्तार: 2030 तक पूरा होगा तीसरी-चौथी लाइन का काम

मालदा रेलमंडल के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने जमालपुर-धनौरी रेल सेक्शन का सेफ्टी इंस्पेक्शन किया. बरहरवा-धनौरी तीसरी और चौथी रेलवे लाइन परियोजना को लेकर उन्होंने बताया कि जमीन अधिग्रहण का काम शुरू हो गया है और 2029-30 तक कॉरिडोर पूरा करने का लक्ष्य है.

पूर्व मध्य रेलवे के बरहरवा-धनौरी रेल लाइन को मिलेगी रफ्तार: 2030 तक पूरा होगा तीसरी-चौथी लाइन का काम
Image Credit: पूर्व मध्य रेलवे के बरहरवा-धनौरी रेल लाइन को मिलेगी रफ्तार (zee media)

मुंगेर में पूर्व मध्य रेलवे के मालदा रेलमंडल के अंतर्गत बरहरवा से धनौरी तक प्रस्तावित तीसरी और चौथी रेलवे लाइन की पृष्ठभूमि में मालदा रेलमंडल के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता का जमालपुर-धनौरी सेक्शन पर हुआ सेफ्टी इंस्पेक्शन महज रूटीन जांच नहीं, बल्कि भविष्य की रेल लाइनों के लिए ग्राउंड टेक्निकल ऑडिट था. सूत्रों की मानें तो डीआरएम ने इस पूरे सेक्शन को तीसरी और चौथी लाइन के लोड, अलाइनमेंट और सेफ्टी पैरामीटर के हिसाब से परखा. गुरुवार को स्पेशल विंडो ट्रॉली से शुरू हुआ इंस्पेक्शन जमालपुर यार्ड से निकला. विंडो इंस्पेक्शन के दौरान डीआरएम ने ट्रैक की स्थिति, कर्वेचर, गेज कंडीशन और ओवरहेड इक्विपमेंट की हाइट व स्टैगर को नोट किया. साथ चल रहे अधिकारियों ने लाइव डाटा रिकॉर्ड किया.

धरहरा से अभयपुर तक रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की जांच

पहला पड़ाव धरहरा स्टेशन पर रहा. यहां प्लेटफॉर्म के लेवल, ट्रैक सर्किट, प्वाइंट मशीन और पैदल उपरिगामी पुल की संरचना की जांच की गई. अभयपुर में इंटरलॉकिंग सिस्टम और सिग्नल विजिबिलिटी चेक की गई. कजरा में लेवल क्रॉसिंग गेट की सेफ्टी चेन, बूम लॉकिंग और गेटमैन की सतर्कता परखी गई. रामपुर हॉल्ट, जिसे इस सेक्शन का सबसे कमजोर हॉल्ट माना जाता है, वहां डीआरएम खुद ट्रैक पर उतर गए. उन्होंने ट्रैक बैलास्ट की गहराई, स्लीपर की स्थिति और वेल्डेड जॉइंट के गैप को पैदल चलकर चेक किया.

कजरा-धनौरी के बीच ट्रैक और क्रॉस-ओवर प्वाइंट का निरीक्षण

धनौरी में अंतिम पड़ाव के दौरान डीआरएम ने यार्ड लेआउट का निरीक्षण किया. तीसरी और चौथी लाइन के लिए यहां किस तरफ से अर्थवर्क शुरू होगा, इसका प्रारंभिक सर्वे भी टीम ने किया. सबसे अहम रहा ट्रैक का पैदल निरीक्षण. कजरा और धनौरी के बीच उन्होंने सुपर-एलिवेशन और ट्रैक ज्योमेट्री की जांच की. क्रॉस-ओवर प्वाइंट पर टंग रेल, स्विच रेल और स्टॉक रेल के बीच के गैप को स्केल से नापा गया. सेफ्टी के लिहाज से यह बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि तीसरी लाइन जुड़ने पर इन्हीं प्वाइंट पर ट्रेनों के डायवर्जन का लोड बढ़ेगा.

2029-30 तक पूरा होगा थर्ड-फोर्थ लाइन कॉरिडोर

जमालपुर लौटने पर डीआरएम ने पत्रकारों से बातचीत में औपचारिक तौर पर इसे सेफ्टी इंस्पेक्शन बताया, लेकिन बरहरवा-धनौरी थर्ड-फोर्थ लाइन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि यह रेलवे की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना है और अब इसने रफ्तार पकड़ ली है. जमीन अधिग्रहण का काम शुरू हो गया है. वर्ष 2029-30 तक इस कॉरिडोर को पूरा कर लिया जाएगा. रेलवे सूत्रों के मुताबिक, तीसरी और चौथी लाइन बनने के बाद इस रूट पर मालगाड़ियों का दबाव 60 प्रतिशत तक कम हो जाएगा और रूट की औसत स्पीड भी बढ़ जाएगी.

रिपोर्ट: प्रशांत कुमार

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Rupak Kumar

Rupak Kumar

रुपक कुमार मिश्रा zee bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-editor के तौर पर कार्यरत है. वे राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और रुटीन खबरों पर काम करते हैं. इसके अलावा, टेक्नोसिस मीडिया में इन्हें एक साल काम करने का अनुभव है. शिक्षा की बात करें तो राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से इन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है.
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