नेता हो या माफिया, किसी की खैर नहीं! बिहार में 4,000 माफिया की लिस्ट तैयार, जब्त होगी संपत्ति, जानिए ADG का पूरा प्लान
बिहार पुलिस ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य भर में 4,000 से अधिक सक्रिय अपराधियों, जमीन, बालू, शराब माफियाओं और नारकोटिक्स-ह्यूमन ट्रैफिकिंग के सरगनाओं को चिह्नित किया है. ADG विधि-व्यवस्था K.S. Anupam ने इसकी जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी.
बिहार में माफियों पर लगाम लगाने की सम्राट सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है. इसके लिए पुलिस प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई का एक्शन प्लान तैयार किया है. पुलिस के इस एक्शन प्लान से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक अमित रानू समेत करीब 4,000 चिन्हि्त भू-माफिया और बालू माफिया अब पुलिस के सीधे रडार पर आ चुके हैं.
अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था के.एस. अनुपम ने 7 सितंबर, 2026 दिन सोमवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस इस बड़े प्रशासनिक फैसले की जानकारी दी. उन्होंने साफ किया कि राज्य भर में सक्रिय ऐसे तमाम लोगों की सूचियां तैयार कर ली गई हैं, जो अवैध बालू खनन, सरकारी और निजी जमीनों पर अवैध कब्जों और रंगदारी जैसे मामलों में संलिप्त रहे हैं. पुलिस की इस कार्रवाई में केवल नए मामले दर्ज करना ही शामिल नहीं है, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध साधनों से अर्जित की गई चल-अचल संपत्तियों को चिन्हि्त कर उन्हें कुर्क और जब्त करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है.
ADG विधि-व्यवस्था K.S. Anupam ने कहा कि सीतामढ़ी के बेलसंड विधायक अमित रानू समेत करीब 4,000 भू-माफिया और बालू माफिया से जुड़े लोगों की संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस के इस बयान के बाद चिराग पासवान की पार्टी के विधायक अमित रानू की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं.
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के.एस. अनुपम ने बताया कि पुलिस मुख्यालय को जिला स्तर से हजारों प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से करीब 800 मामलों की फाइलों को कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर संबंधित न्यायालयों में पेश किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि कार्रवाई का दायरा केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रखकर, अपराध से जुटाए गए धन और अवैध संपत्तियों को चिन्हि्त कर उन्हें जब्त करने पर रहेगा.
उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन जमीनी स्तर पर आपराधिक रिकॉर्ड, बेनामी संपत्तियों के स्रोतों और वित्तीय लेन-देन के पुख्ता प्रमाण जुटाने में लगा है. वहीं, पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई को माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है.
रिपोर्ट: प्रिंस कुमार कुशवाहा