JCB से कटी थी PNG लाइन, 5 KM दूर तक सुनी गई धमाके की आवाज, 5 प्वॉइंट में जानिए मुजफ्फरपुर हादसे का पूरा अपडेट
मुजफ्फरपुर पाइपलाइन ब्लास्ट में मामले में बड़ा अपडेट सामने आया हैय बताया रहा है कि JCB से PNG लाइन कटी गई थी. इतनी ही नहीं, धमाके की आवाज 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी थी. इस हादसे में 1 व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 7 लोग घायल हो गए हैं.
बिहार के मुजफ्फरपुर में सोमवार, 2 नवंबर 2026 को गोबरसही-डुमरी इलाके में एक जोरदार गैस पाइपलाइन विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कम से कम छह अन्य घायल हो गए. यह विस्फोट दोपहर 12:10 से 12:15 बजे के बीच उस समय हुआ जब पथ निर्माण विभाग (RCD) के एक ठेकेदार ने नाला खुदाई के काम के दौरान JCB मशीन से जमीन के नीचे बिछी पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पाइपलाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया.
1. घटना और उसका प्रभाव
विस्फोट में एक मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई. कम से कम छह से सात अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत सदर अस्पताल और श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) ले जाया गया.
2. संपत्ति का नुकसान
विस्फोट के झटके से 100 मीटर के दायरे में आने वाले लगभग 50 घरों की खिड़कियों के कांच टूट गए. एक चार मंजिला इमारत को गंभीर नुकसान पहुंचा और ब्लास्ट साइट के पास की कुछ संरचनाएं मलबे में तब्दील हो गईं.
3. विस्फोट की तीव्रता
विस्फोट के कारण भीषण आग लग गई और धमाके की आवाज कथित तौर पर पांच किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई.
4. इंडियनऑयल की प्रतिक्रिया और बहाली
एक आधिकारिक ने अपने बयान में इंडियनऑयल ने इस घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया है, लेकिन स्पष्ट किया कि कंपनी इस निर्माण या खुदाई के काम में शामिल नहीं थी. इंडियनऑयल की आपातकालीन और तकनीकी टीमें स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन और दमकल सेवाओं के साथ मिलकर तुरंत हरकत में आईं ताकि इलाके को सुरक्षित किया जा सके और आग पर काबू पाया जा सके. मीडियम डेंसिटी पॉलीथीन (MDPE) पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त हिस्से को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया गया और उसी दिन दोपहर 2:00 बजे तक गैस आपूर्ति पूरी तरह बहाल कर दी गई.
5. चेतावनी और कानूनी कार्रवाई
इंडियनऑयल के अधिकारियों ने रेखांकित किया कि यह खुदाई बिना किसी पूर्व सूचना या यूटिलिटी कॉर्डिनेशन के की गई थी. कंपनी ने बताया कि उसने पहले 23 जुलाई 2026 को बिहार शहरी बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (BUIDCO) को एक आधिकारिक चेतावनी भेजी थी, जिसमें खुदाई से पहले जमीन के नीचे की पाइपलाइनों की संयुक्त पहचान करने की अनिवार्य आवश्यकता पर जोर दिया गया था.
मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कुमार गौरव और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने इस घटना की सख्त जांच के आदेश दिए हैं. प्रशासन ने पुष्टि की है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल की लापरवाही के लिए बाहरी एजेंसी के खिलाफ औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
रिपोर्ट: मणितोष कुमार
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