गयाजी और पटना में पितृ पक्ष मेले की तैयारियां अंतिम चरण में, सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
गयाजी और पटना में पितृ पक्ष मेले की तैयारियां जारी है. देश-विदेश से लाखों तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए, मुख्य सचिव ने सभी इंतजाम समय पर पूरे करने के निर्देश दिए हैं.
बिहार में 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक होने वाले पितृ पक्ष मेला 2026 की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं. गयाजी और पुनपुन (पटना) में आयोजित होने वाले इस भव्य मेले की व्यवस्थाओं को लेकर सोमवार (7 सितंबर, 2026) को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक हुई. बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि पितृ पक्ष मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक है. उन्होंने जोर देकर कहा कि साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, निर्बाध बिजली आपूर्ति, स्वास्थ्य शिविर और सुरक्षा व्यवस्था के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी विभागों को यह सुनिश्चित करना होगा कि तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलें.
मेले से पहले सभी तैयारियां हो रही सुनिश्चित
बैठक में बताया गया कि मेले के सफल आयोजन के लिए गयाजी जिला की ओर से 4,21,74,971 रुपये और पटना जिला द्वारा 41 लाख रुपये की राशि की मांग की गई है. इस दौरान गयाजी के जिलाधिकारी ने यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, ठहराव स्थल, घाटों की सफाई और बुनियादी ढांचे को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया. मुख्य सचिव ने गृह, पर्यटन, नगर विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण (पीएचईडी), स्वास्थ्य, परिवहन, पथ निर्माण, ऊर्जा, आपदा प्रबंधन सहित 14 प्रमुख विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया.
पिंडदानियों के लिए सुविधाएं
बैठक में मेले की स्थानीय तैयारियों, बुनियादी सुविधाओं और अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा हुई. देश-विदेश से लाखों तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए, मुख्य सचिव ने सभी इंतजाम समय पर पूरे करने के निर्देश दिए. तीर्थयात्रियों के सुगम आवागमन के लिए पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल के डीआरएम के साथ विशेष समन्वय स्थापित किया गया है.
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाने और रेलवे स्टेशनों पर विशेष इंतजाम करने पर सहमति बनी. बैठक में पुलिस महानिदेशक, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव, सभी संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव, गया और पटना के जिला मजिस्ट्रेट, DDU डिवीज़न के DRM और अन्य वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए.
-प्रेस रिलीज