पटना की सुमन जैन आज बिहार की उन हजारों-लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बन चुकी हैं, जो अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का सपना देख रही हैं. सुमन ने साल 2025 में महज 25 हजार रुपये से अपने छोटे से स्टार्टअप की शुरुआत की. घर में अचार बनाकर अपना कारोबार शुरू करने वाली सुमन ने एक साल के भीतर ही अपने अचार को कई राज्यों तक पहुंचा दिया है. आज सुमन अलग-अलग वैरायटी के करीब 16 से 20 तरह के अचार तैयार करती हैं. अमेजन और दूसरी ऑनलाइन वेबसाइटों के जरिए उनके प्रोडक्ट असम, बेंगलुरु, गुजरात समेत कई राज्यों में पहुंच रहे हैं. छोटे स्तर से शुरू हुआ यह कारोबार अब सिर्फ सुमन का नहीं रहा. उनके साथ करीब 10 से 12 महिलाएं जुड़ी हैं और उन्हें रोजगार भी मिल रहा है.
सुमन ने कई महिलाओं को दिया रोजगार
घर के काम के साथ महिलाएं इस काम से जुड़कर आमदनी का जरिया बना रही हैं. सुमन का कहना है कि उनके पास शुरुआत में संसाधन सीमित थे, लेकिन एक छोटे से आइडिया और मेहनत के दम पर कारोबार आगे बढ़ा. उनका मानना है कि सरकार की प्रस्तावित योजना से उन बेटियों और महिलाओं को काफी फायदा हो सकता है, जिनके पास बिजनेस का आइडिया है लेकिन आर्थिक मजबूरी के कारण वे शुरुआत नहीं कर पातीं. उन्होंने कहा कि सरकार अगर बेटियों को स्टार्टअप शुरू करने के लिए आर्थिक मदद देती है, तो इससे उन्हें अपना कारोबार शुरू करने का मौका मिलेगा. खासकर महिलाओं के लिए यह घर से रोजगार शुरू करने का अच्छा माध्यम बन सकता है.
बिहार सरकार लाएगी 'बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना'
सुमन की तरह बिहार में अन्य बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके नए बिजनेस आइडिया को उड़ान देने के लिए राज्य सरकार नई पहल करने जा रही है. सरकार बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना शुरू करने की तैयारी में है. इसके तहत बेटियों को नया और इनोवेटिव बिजनेस शुरू करने के लिए 50 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक का अनुदान मिल सकता है. खास बात यह है कि सरकार की इस योजना से उन बेटियों को भी अपना कारोबार शुरू करने का मौका मिलेगा, जिनके पास आइडिया तो है, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण वे उसे जमीन पर नहीं उतार पा रही हैं.
आइडिया लाओ और पैसा पाओ!
दरअसल, राज्य सरकार पहली बार खास तौर पर बेटियों के लिए 'बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना' लाने की तैयारी में है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर उच्च शिक्षा विभाग ने योजना का प्रारूप तैयार किया है. प्रस्ताव के मुताबिक, नए और इनोवेटिव बिजनेस आइडिया के आधार पर 50 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा सकता है. ऐसे आइडिया को प्राथमिकता मिलेगी, जो व्यावहारिक होने के साथ बाजार में रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकें.
इस योजना का किसे मिलेगा लाभ?
बिहार महिला उद्योग संघ की प्रेसिडेंट उषा झा ने बताया कि इस योजना के लिए आवेदक का बिहार का स्थायी निवासी होना और न्यूनतम 18 वर्ष की आयु पूरी करना जरूरी होगा. योजना को उच्च शिक्षा विभाग और उद्योग विभाग मिलकर लागू करेंगे. इस योजना की खास बात यह है कि राज्य में उच्च शिक्षा विभाग की ओर से शुरू होने वाली यह पहली स्टार्टअप योजना होगी, जो विशेष रूप से बालिकाओं के लिए तैयार की जा रही है. प्रस्ताव को वित्त विभाग की सहमति के बाद राज्य मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा. मंजूरी मिलने के बाद चालू वित्तीय वर्ष में ही योजना लागू किए जाने की तैयारी है.
योजना के धरातल पर उतरने का इंतजार
महिला उद्यमियों का कहना है कि अगर सरकार की यह पहल जमीन पर सही तरीके से लागू होती है, तो इससे बेटियों को अपना कारोबार शुरू करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा. पटना की सुमन जैन की कहानी बताती है कि कारोबार शुरू करने के लिए हमेशा बड़े निवेश की जरूरत नहीं होती. एक छोटा सा आइडिया, मेहनत और सही दिशा मिले तो वही कारोबार कई लोगों के लिए रोजगार का जरिया बन सकता है. अब सरकार की प्रस्तावित बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना के जरिए बेटियों को भी अपने आइडिया को बिजनेस में बदलने के लिए आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है. सवाल अब यही है कि योजना कब लागू होती है और इसका लाभ कितनी बेटियों तक पहुंचता है.
रिपोर्ट- सन्नी