बिहार के जहानाबाद की रहने वाली 17 वर्षीय NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में पटना की विशेष पॉक्सो अदालत में 13 अक्टूबर, 2026 दिन मंगलवार को अहम सुनवाई होनी है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से दाखिल क्लोजर रिपोर्ट पर अदालत छात्रा के पिता का पक्ष और उनकी आपत्तियों को सुनेगी.
अदालत ने मृतका के पिता को जारी किया था नोटिस
सीबीआई ने इस मामले में 6 अक्टूबर, 2026 को अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी. जांच एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले हैं. इसके बाद अदालत ने मृतका के पिता को नोटिस जारी किया था.
मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रही थी छात्रा
छात्रा पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रही थी, और जनवरी 2026 में हॉस्टल में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसके बाद इस मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी.
सबकी नजरें पीड़ित परिवार की आपत्तियों पर टिकी
क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने के बाद अब सबकी नजरें पीड़ित परिवार की आपत्तियों पर टिकी हैं. परिवार ने जांच के निष्कर्षों पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इस रिपोर्ट का विरोध करने की बात कही है.
अब अदालत क्या रुख अपनाती है, ये सबसे अहम सवाल?
13 अक्टूबर, 2026 दिन मंगलवार की सुनवाई में सबसे अहम सवाल यही होगा कि परिवार की आपत्तियों और उपलब्ध साक्ष्यों पर अदालत क्या रुख अपनाती है.
आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी तरह से अदालत के आदेश पर ही निर्भर करेगी
गौरतलब है कि क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने मात्र का यह अर्थ नहीं होता कि अदालत ने उसे स्वीकार कर लिया है, और आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी तरह से अदालत के आदेश पर ही निर्भर करेगी.
पूरा मामला जानिए
जहानाबाद जिले की रहने वाली NEET छात्रा 5 जनवरी, 2026 को हॉस्टल पहुंची थी. इसके बाद 6 जनवरी को छात्रा पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में बेहोशी की हालत में मिली थीं. 9 जनवरी को 17 वर्षीय छात्रा के पिता के बयान के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया था. मामला बढ़ता देख बिहार सरकार ने 13 फरवरी, 2026 को मामले की जांच सीबीआई को सौंपी. अब क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने के बाद अब सबकी नजरें पीड़ित परिवार की आपत्तियों पर टिकी हैं.
रिपोर्ट: रजनीश