Patna News: राजधानी पटना को स्मार्ट और ट्रैफिक फ्री बनाने के बड़े-बड़े दावों के बीच हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. कभी आधुनिक शहर की पहचान के तौर पर पेश किया गया पटना-दीघा रेलवे लाइन का सिक्स लेन हाईटेक रोड आज सवालों के घेरे में है. करोड़ों की लागत से तैयार इस प्रोजेक्ट में जहां एक ओर चौड़ी सड़कें बनाई गईं, वहीं दूसरी ओर पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए अटल पथ पर फुट ओवरब्रिज और लिफ्ट भी लगाए गए. लेकिन लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है.
बंद हुई लिफ्ट
हलांकि, 20 सितंबर 2021 को इसके उद्घाटन के कुछ दिन बाद ओवरब्रिज का लिफ्ट बंद हो गया. आज पूरे पांच साल बीत जाने के बावजूद ये लिफ्ट आज तक एक दिन भी नहीं चला. यह लिफ्ट इसलिए लगाया गया था कि बुजुर्ग और बीमार लोग आसानी से सड़क पार कर सकें, लेकिन हालत क्या है, आप खुद देख लीजिए. स्थानीय लोगों का कहना है कि लिफ्ट बंद रहने से जरूरतमंद लोगों को काफी परेशानी होती है और उन्हें सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता है.
जनरेटर के पार्ट-पुर्जे भी चोरी
इस ओवरब्रिज में जो लिफ्ट लगे थे, इसको चलाने के लिए जनरेटर भी रखा गया, लेकिन उसके पार्ट-पुर्जे को चुराकर नशेड़ी ले गए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों की लागत से बना, लेकिन इसका कोई उपयोग नहीं है और सरकार के पैसों का बंदरबांट किया गया है. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इसकी मरम्मत और नियमित रख-रखाव किया जाता, तो बुजुर्गों, बीमार लोगों और अन्य पैदल यात्रियों को इसका फायदा मिल सकता था.
करोड़ों रुपये की लागत से तैयार सुविधा पर भी सवाल
करोड़ों रुपये की लागत से अटल पथ पर कूल 4 फुट ओवरब्रिज बनाए गए. पहला एन कॉलेज-महेश नगर, दूसरा दीघा, तीसरा पुनाइचक और चौथा आर ब्लॉक में बनाया गया. इसे बनाने का उद्देश्य सड़क हादसों को कम करना था. सड़क पार करने के दौरान लगातार हादसे हो रहे थे, लेकिन यह रख-रखाव के कारण सिर्फ हाथी दांत बन गया है. इन ओवरब्रिज का नियमित इस्तेमाल नहीं होने से करोड़ों रुपये की लागत से तैयार सुविधा पर भी सवाल उठ रहे हैं.
रिपोर्ट: रूपेंद्र श्रीवास्तव