तटबंध टूटने पर बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे पप्पू यादवः नेपाल से पानी छोड़ने को बताया 'ग्लेशियर अटैक', जल संसाधन मंत्री के इस्तीफे की मांग
Pappu Yadav: बगहा के चखनी खैरटवा में चंपारण तटबंध टूटने की सूचना पर सांसद पप्पू यादव मौके पर पहुंचे. उन्होंने क्षतिग्रस्त तटबंध का निरीक्षण कर बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की और राहत सामग्री व आर्थिक सहायता दी.
Pappu Yadav: बगहा के चखनी के खैरटवा में चंपारण तटबंध टूटने की सूचना पर मंगलवार को पूर्णिया सांसद पप्पू यादव मौके पर पहुंचे. उन्होंने क्षतिग्रस्त तटबंध का निरीक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं. इस दौरान सांसद पप्पू यादव ने बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच राहत सामग्री और आर्थिक सहायता भी दी. दरअसल, नेपाल से गंडक नदी में रिकॉर्ड तोड़ पानी छोड़े जाने के बाद बिहार के कई जिलों में बिगड़ते हालात को लेकर पप्पू यादव इन दिनों लगातार दौरा कर रहे हैं. वाल्मीकिनगर विधायक सुरेंद्र कुशवाहा के साथ क्षेत्र भ्रमण पर निकले सांसद पप्पू यादव से सेल्फी लेने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी. सांसद ने चंपारण तटबंध के तीन स्थानों पर बांध टूटने को लेकर सरकार और विभागीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए.
नेपाल से पानी को बताया 'ग्लेशियर अटैक'
खास बात यह है कि पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने नेपाल से निकलने वाली नारायणी-गंडक नदी के रास्ते बिहार में अत्यधिक जल प्रवाह को ग्लेशियर अटैक बताया. उन्होंने कहा कि चीन अब परमाणु हमला नहीं करेगा, इसी तरह सैलाब के बहाने यहां का नामोनिशान मिटा देगा. नेपाल की तर्ज पर बिहार के चंपारण और सारण समेत उत्तर बिहार के जिले टारगेट पर हैं. पश्चिम चंपारण जिले के एक मंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बेतिया में एक इंटरनेशनल नेता हैं, जो मोदी से भी बड़ा है, लेकिन है कंगोजर... उसकी बात ही अलग है. जय हों मोदीजी, आपको ऐसे नायाब आदमी मिलते हैं मंत्री बनाने के लिए.
तटबंध टूटने पर अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
पप्पू यादव ने कहा कि हर वर्ष एंटी एरोजन और फ्लड फाइटिंग के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, इसके बावजूद तटबंध सुरक्षित नहीं रह पा रहा है. उन्होंने तटबंध टूटने के लिए जिम्मेदार अभियंताओं और अधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ केस दर्ज करने और कार्रवाई समेत गिरफ्तारी की मांग की. वहीं, पप्पू यादव ने कहा कि वर्ष 2024 के बाद अब 2026 में भी तटबंध टूटने से बगहा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है. लिहाजा, इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए. उन्होंने कहा कि वाल्मीकिनगर-बगहा क्षेत्र हर वर्ष बाढ़ की गंभीर स्थिति का सामना करता है, जिससे हजारों एकड़ फसल प्रभावित होती है और ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. उन्होंने तटबंधों की स्थायी सुरक्षा के लिए गाइड बांध और ठोकर निर्माण कराने के अलावा नारायणी-गंडक नदी में जमा गाद की समस्या के स्थायी समाधान की भी मांग की.
जल संसाधन मंत्री के इस्तीफे की मांग
सांसद पप्पू यादव ने सरकार से बगहा और वाल्मीकिनगर क्षेत्र को राष्ट्रीय आपदा क्षेत्र घोषित करने की मांग पर जोर देते हुए जल संसाधन मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की. उन्होंने बाढ़ प्रभावित किसानों का तीन वर्ष का सभी ऋण माफ करने के साथ फसल और अन्य संपत्ति के नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग रखी. उन्होंने कहा कि बाढ़ से हुई क्षति का ड्रोन और एआई तकनीक से सर्वे कराया जाए, ताकि वास्तविक नुकसान का सटीक आकलन हो सके और पीड़ितों को तत्काल राहत व उचित क्षतिपूर्ति मिल सके.
बाढ़ प्रभावित इलाकों का सड़क मार्ग से लिया जायजा
पप्पू यादव ने सड़क मार्ग से पश्चिम चंपारण के विभिन्न बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं के समाधान और राहत पहुंचाने के लिए सरकार को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए. बता दें कि सांसद पप्पू यादव ने इशारों में पूरे सिस्टम को चौक और करप्ट मानते हुए बाढ़ की विभीषिका पर कभी कोई बहस या चर्चा नहीं होने और स्थायी समाधान नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई. वहीं, गंडक नदी के बाढ़ के पानी में डूबे मधुबनी के गदियानी निवासी महेश मुसहर के परिजनों को दस हजार रुपये की सहयोग राशि देने के साथ ही सरकार से दस लाख रुपये की आर्थिक मदद करने की मांग की.
रिपोर्ट: इमरान अजीज