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वरिष्ठ IAS अधिकारी दीपक कुमार को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद से हटा दिया गया है. उन्हें अब बिहार आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है. दीपक कुमार का नाम पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खास अधिकारियों में शामिल है. मुख्यमंत्री रहते हुए नीतीश कुमार ने ही दीपक कुमार को अपना प्रधान सचिव बनाया था. 21 मार्च 2021 को उन्हें CM का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया था. अब सम्राट सरकार ने उन्हें इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया है.
नीतीश के एक और विश्वासपात्र की छुट्टी!
इससे पहले 10 मई को भी नीतीश कुमार के सभी भरोसेमंद अधिकारियों की CMO से छुट्टी हुई थी. इसी दौरान IAS के रवि और IAS चंद्रशेखर सिंह को CMO से साइड कर दिया गया था. दोनों नीतीश कुमार के भरोसेमंद अधिकारी रहे हैं. अब के. रवि को निशांत के स्वास्थ्य विभाग और चंद्रशेखर सिंह को विजय चौधरी के जल संसाधन विभाग का सचिव बनाया गया है. अब दीपक कुमार के बदलाव को सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला माना जा रहा है.
पूर्व IAS दीपक कुमार कौन हैं?
दीपक कुमार 1984 बैच के IAS हैं. 20 मार्च 2021 को वो IAS के पद से रिटायर हुए थे और अगले ही दिन यानी 21 मार्च को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें अपना प्रधान सचिव नियुक्त कर लिया था. बतौर आईएएस अधिकारी वह तकरीबन 13 जिलों में डीएम के तौर पर काम कर चुके हैं, जिसमे बक्सर, नालंदा, हजारीबाग, मोतिहारी जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं. इसके अलावा बिहार के स्वास्थ्य, नगर विकास, सामान्य प्रशासन, कैबिनेट, पर्यटन और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में भी काम कर चुके हैं. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान कुमार ESIC के डीजी और NHAI के चेयरमैन के पद पर रह चुके हैं.
दीपक कुमार के कंधों पर अब बड़ी जिम्मेदारी
दीपक कुमार को अब बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. उनकी नियुक्ति ऐसे वक्त में हुई है, जब प्रदेश बाढ़ की समस्या से जूझ रहा है. नेपाल में हो रही भारी बारिश से गंगा, गंडक, सोन, घाघरा जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. इससे प्रदेश एक बार फिर से बाढ़ की चपेट में आ गया है. गंडक और गंगा नदी ने विकराल रूप धारण कर रखा है. वे अपने सामने आने वाली हर चीज को लीलते हुए आगे बढ़ रही हैं. राज्य के 15 जिलों में 50 लाख से ज्यादा लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. प्रशासन द्वारा विस्थापित हुए 7,714 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बने छह राहत शिविरों में रखा गया है. दीपक कुमार पर इस विकराल स्थिति को संभालने की जिम्मेदारी होगी. इसके अलावा उन्हें सुखाड़ और अन्य आपदाओं से निपटने की नीति बनाना होगा.