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नक्सलियों ने जमीन कारोबारी को दिया मौत का फरमान: परचा चिपकाकर दी जान से मारने की धमकी, IG ने दिए जांच के आदेश

इसी साल की शुरुआत में केंद्र सरकार की ओर से दावा किया गया था देश में नक्सल समस्या खत्म हो चुकी है. दूसरी ओर, बिहार के कुछ इलाकों में परचा चिपकाकर धमकी देने या लेवी वसूलने के मामले सामने आते रहे हैं. इन समस्याओं को भी जल्द खत्म करने की जरूरत है.

नक्सलियों ने जमीन कारोबारी को दिया मौत का फरमान: परचा चिपकाकर दी जान से मारने की धमकी, IG ने दिए जांच के आदेश
Image Credit: गया के टिकारी थानाक्षेत्र में एक जमीन कारोबारी को नक्सलियों ने मौत का फरमान सुनाया है. (Video Grab)

बिहार के गया जिले के टिकारी थाना क्षेत्र के मरदुआ गांव के जमीन कारोबारी अजय यादव को प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी ने कथित तौर पर मौत का फरमान सुनाया है. कहा जा रहा है कि नक्सलियों ने पोस्टर चिपकाकर अजय यादव और उनके सहयोगी व रिश्तेदार वीरेंद्र यादव के नाम परचा चिपकाकर जान से मारने की धमकी दी है. बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने अजय यादव के पैतृक गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर औरंगाबाद जिले के गोह थाना क्षेत्र में दुल्हा बिगहा नहर के पास स्थित पीएनबी बैंक के पास पोस्टर चिपकाया. पोस्टर में अजय यादव पर जमींदारी की परती जमीन बेचने का आरोप लगाया गया है.

पोस्टर में कथित तौर पर माओवादी नेता संकेत जी और आजाद जी के नाम से यह फरमान जारी किए जाने की बात सामने आई है. नक्सलियों की ओर से चिपकाए गए पोस्टर सामने आने के बाद से अजय यादव और वीरेंद्र यादव का परिवार दहशत में है. अजय यादव ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पुलिस को मामले की सूचना दी और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई. उन्होंने पुलिस और प्रशासन के वरीय अधिकारियों से मामले की गंभीरता की जांच करने और जरूरी सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है.

अजय यादव ने बताया कि वह कोई बड़े जमीन कारोबारी नहीं हैं, बल्कि छोटी-मोटी जमीन की खरीद-बिक्री का काम करते हैं.

इस संबंध में मगध रेज के आईजी विकास वैभव ने बताया कि 3 अक्टूबर को सुबह में सूचना मिली कि एक पोस्टर चिपकाया गया है, जिसमें कुछ बातें लिखी गई हैं और उग्रवादी संगठन का भी नाम बताया गया है. इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है. पुलिस मामले की विस्तार से तहकीकात करेगी. अभी आम तौर पर वहां कोई नक्सल गतिविधि नहीं है. परचा किसने लगाया, क्यों लगाया? पुलिस इन सभी बिंदुओं की गंभीरता से जांच करेगी.

बहरहाल, देखना यह है कि पोस्टर और उसमें कही गई बातों की सच्चाई क्या है. इसकी आधिकारिक जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा. अब देखना यह होगा कि नक्सलियों की ओर से जारी इस फरमान पर पुलिस की जांच कहां तक पहुंचती है.

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