मोतिहारी में राकेश शर्मा के घर पुलिस का छापा, इसकी वजह कहीं नागा सिंह की बेशकीमती जमीन तो नहीं?
मोतिहारी पुलिस ने भू-माफिया राकेश शर्मा के ठिकानों पर छापेमारी की. इस पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं. खास तौर पर यह कि जब भू-माफियाओं की सूची तैयार की गई थी, तब उसमें राकेश शर्मा का नाम क्यों शामिल नहीं किया गया था?
मोतिहारी पुलिस ने हाल ही में एक चर्चित कार्रवाई की थी, जिसमें उन्होंने भू-माफिया राकेश शर्मा के घर से दो बंदूकें, दो पिस्तौलें, सैकड़ों राउंड कारतूस, शराब और लाखों रुपये नकद बरामद किए थे. साथ ही, जमीन के दर्जनों कागजात भी बरामद किया गया था. वहीं, मामले में जिस SDPO को इस ऑपरेशन से दूर रखा गया था, बाद में उसी को ऑपरेशन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की जिम्मेदारी दी गई. यानी कि जिस अधिकारी के पास की गई कार्रवाई के बारे में बहुत विस्तृत जानकारी नहीं थी, उसने मीडिया के साथ जानकारी साझा की.
राकेश शर्मा का नाम क्यों नहीं था?
उसी दिन रात में ही पुलिस के आलाधिकारी ने छतौनी थाना पर पहुंच कर मामले का रिव्यू भी किया था. चारों तरफ पुलिस की तारीफ होने लगी. पर अब लोग सवाल भी पूछने लगे हैं कि जिला में जब भू माफिया की लिस्ट बनी थी, तब उस लिस्ट में राकेश शर्मा का नाम क्यों नहीं था? जिस एसडीपीओ ने छापेमारी का नेतृत्व किया था, उन्हें प्रेसवार्ता से अलग क्यों रखा गया? मोतिहारी में अब इस बात की चर्चा होने लगी है कि तमाम सवालों के पीछे कहीं एनएच पर नागा सिंह की 18 कट्ठा जमीन तो नहीं?
जानें क्या है पूरा मामला?
दरअसल, बरियारपुर में एन एच किनारे नागा सिंह की जमीन है, जिसकी कीमत करोड़ों में है. उक्त जमीन को लेकर राकेश शर्मा और एक दूसरा गुट आमने-सामने हो गया. एक ही जमीन पर दोनों गुट ने नागा सिंह और उनके परिजन से एग्रीमेंट करने का दावा किया. पुलिस सूत्रों की माने तो दूसरे गुट ने राकेश शर्मा को जमीन से पीछे हटने का मैसेज भेजा था. जब राकेश शर्मा पीछे हटने को तैयार नहीं हुए, तो प्लानिंग कुछ और करने की हुई. सदर SDPO दिलीप सिंह के अधिकार क्षेत्र में वारदात को अंजाम देने का अंजाम क्या होगा, इसे सोचकर तय किया गया कि कैसे राकेश शर्मा को बैकफुट पर लाया जाए.
इसके बाद, आलाधिकारी को राकेश शर्मा के घर पर आपत्तिजनक चीजें होने की जानकारी दी गई, पुलिस तुरंत हरकत में आ गई. भू-माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए फेमस पुलिस एसपी ने इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए एक टीम बनाई. हालांकि, छापेमारी के दौरान राकेश शर्मा तो नहीं मिला, लेकिन उनके घर से कई आपत्तिजनक चीजें बरामद हुईं. राकेश शर्मा, उसके बेटे और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज किया गया. फिर बाद में उसके बेटे को जेल भेज दिया गया. राकेश शर्मा अभी पुलिस से बचकर भाग रहा हैं और इस स्थिति का फायदा जमीन विवाद से जुड़े विरोधी पक्ष को मिल सकता है.
रिपोर्ट: पंकज कुमार