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बिहार की राजधानी पटना में शनिवार को सियासी हलचल देखने को मिली, जब मोकामा विधायक अनंत सिंह की पत्नी को सरकारी आवास खाली होने लगा. जैसे-जैसे सामान निकाला जा रहा है, वैसे-वैसे पटना के मॉल रोड स्थित वीआईपी सरकारी बंगले पर अब सन्नाटा पसरने लगा है. दरअसल, भवन निर्माण विभाग की ओर से नोटिस जारी होने के बाद मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी ने बंगला खाली करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
26 अक्टूबर सोमवार को भवन निर्माण विभाग की ओर से थमाए गए इस फरमान के बाद 31 अक्टूबर शनिवार को आवास से सामान और मवेशियों को शिफ्ट किया जाने लगा है.
दरअसल, भवन निर्माण विभाग ने नीलम देवी को 25 नवंबर 2026 तक हर हाल में यह सरकारी आवास खाली करने की अंतिम मोहलत दी है. नोटिस मिलने के बाद खुद अनंत सिंह ने साफ कर दिया था कि वे कानून और नियमों का पालन करेंगे और तय समय से पहले ही बंगला छोड़ देंगे.
इसी फैसले के तहत शनिवार को अनंत सिंह के आवास परिसर में हलचल तेज दिखी. उनके पसंदीदा मवेशियों को गाड़ियों में लादकर दूसरे ठिकाने पर भेजा जाने लगा है. इसके साथ ही घर के रोजमर्रा के सामान की पैकिंग और शिफ्टिंग का काम भी तेजी से चल रहा है.
खाली करने की समयसीमा पास आते देख पूरा अनंत सिंह का परिवार सामान समेटने में जुट गया
बता दें कि मॉल रोड का यह सरकारी बंगला लंबे समय से अनंत सिंह और उनके परिवार का मुख्य ठिकाना रहा है. राजनीतिक बैठकों से लेकर समर्थकों के जमावड़े तक, यह बंगला हमेशा राज्य की सियासी के केंद्र में रहता था, लेकिन अब खाली करने की समयसीमा पास आते देख पूरा अनंत सिंह का परिवार सामान समेटने में जुट गया है.
बता दें कि जदयू ने मोकामा से विधायक अनंत सिंह को पार्टी से 6 साल के लिए बाहर निकाल दिया है. साथ ही उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी को पार्टी विरोधी काम करने के आरोप में निष्कासित कर दिया गया है. अनंत सिंह जदयू के एमएलसी प्रत्याशी नीरज कुमार का खुलकर विरोध किया था. इसके बाद पार्टी ने यह कार्रवाई की.
रिपोर्ट: प्रिंस कुमार कुशवाहा