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बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राज्य की सियासत गरमाई हुई है. 23 अक्टूबर, 2026 को शिक्षक और स्नातक कोटे की इन 8 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे, लेकिन इस बार का चुनाव सिर्फ सत्ता पक्ष और विपक्ष की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह ‘अपनों से अपनों की लड़ाई’ बन चुका है. कुल 8 सीटों में से 4 स्नातक और 4 शिक्षक कोटे के लिए है. कुल 164 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनकी किस्मत का फैसला 5.32 लाख से ज्यादा वोटर करेंगे. सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ओर से एकजुटता के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन दोनों जगह आपस में रार चल रही है. सत्तापक्ष की बात करें तो पटना स्नातक सीट पर जनता दल यूनाइटेड के ही विधायक अनंत सिंह पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं तो सारण शिक्षक सीट पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा के 4 में से 3 विधायकों में बगावत का बिगुल फूंक दिया है. विपक्षी महागठबंधन में भी सब कुछ ठीक नहीं है. राजद ने एकतरफा 6 सीटों पर प्रत्याशी उतारे तो कांग्रेस ने भी 5 सीटों पर उम्मीदवार दे दिया. अब 4 सीटों पर दोनों दल आमने-सामने की लड़ाई लड़ रहे हैं. एनडीए में डैमेज कंट्रोल के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एनडीए नेताओं की बैठक बुलानी पड़ी, लेकिन अनंत सिंह बैठक से निकलते ही अनुज सिंह के पक्ष में आवाज बुलंद करने लगे.
| सीट (निर्वाचन क्षेत्र) | NDA (BJP/JDU) | जन सुराज | RJD | कांग्रेस | वाम दल / अन्य |
|---|---|---|---|---|---|
| पटना शिक्षक | नवल किशोर यादव (BJP) | दिव्या ज्योति | डॉ. संजीव कुमार सिंह | डॉ. संजय यादव | - |
| पटना स्नातक | नीरज कुमार (JDU) | डॉ. अनुज सिंह | दिलीप कुमार | डॉ. असदुल्लाह खान | - |
| तिरहुत शिक्षक | नरेंद्र प्रसाद सिंह (BJP) | भूषण झा / श्याम नंदन यादव | - | - | संजय कुमार सिंह (CPI – मौजूदा) |
| तिरहुत स्नातक | अभिषेक झा (JDU) | डॉ. विमोहन कुमार | डॉ. रश्मि विनायक गौतम | - | - |
| दरभंगा शिक्षक | घनश्याम राय (JDU) | एसपी राय | कुमर राय | डॉ. मदन मोहन झा (मौजूदा) | - |
| दरभंगा स्नातक | सर्वेश कुमार (BJP) | रवींद्र यादव / मो. इम्तियाज नूरानी | अनिल कुमार झा | रजनीकांत पाठक | - |
| सारण शिक्षक | आनंद पुष्कर (JDU) | आफाक अहमद (मौजूदा) | प्रो. जयराम यादव | - | - |
| कोसी स्नातक | डॉ. एनके यादव (BJP) | रजनीश रंजन | नितेश कुमार | मनोज कुमार जायसवाल | - |
राजद और कांग्रेस बिखरे हुए हैं, महागठबंधन है कहां?
बीजेपी के पूर्व विधायक और प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल का कहना है कि हमारा गठबंधन एकजुट है. पार्टियों के अंदर थोड़ा-बहुत विवाद है, जिसे पार्टी के लोग समझ लेंगे, लेकिन गठबंधन में किसी प्रकार का विभेद नहीं है. गठबंधन पूरी मजबूती के साथ हमारे जो 8 अधिकृत प्रत्याशी हैं, उनके पक्ष में खड़ी है. सभी पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता एनडीए के उम्मीदवारों को जीत दिलाना सुनिश्चित करेंगे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी तो बिखरे हुए हैं. ऐसे में महागठबंधन है कहां?महागठबंधन नाम की कोई चीज नहीं है.
एनडीए में चल रहा शह-मात का खेल, हम आगे जाएंगे
राष्ट्रीय जनता दल के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव एमएलसी चुनाव को लेकर कहते हैं, राष्ट्रीय जनता दल काफी मजबूत स्थिति में है और हमने तीन सप्ताह पहले ही अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतार दिया है. हमारी पकड़ हर जगह काफी मजबूत है और हम मजबूती से लड़ भी रहे हैं. जनता दल यूनाइटेड और पूरे एनडीए में आंतरिक कलह है. उधर, शह-मात का खेल चल रहा है और हम अपने लक्ष्यों को भेदते हुए आगे बढ़ रहे हैं. ये आपस में लड़ेंगे और हम आगे जाएंगे. लड़ाई में कहां है कोई?
राजद और कांग्रेस के बीच स्वार्थों की राजनीति
जनता दल यूनाइटेड की प्रवक्ता अंजुम आरा कहती हैं, एनडीए के सभी घटक दल इंटैक्ट हैं. अपने आठों प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए हमलोग काम कर रहे हैं. हमलोगों को पूरा विश्वास है कि इस चुनाव के वोटर बहुत प्रबुद्ध होते हैं. बिहार में पिछले 20 साल में जिस तरह से काम हुए, वो बताने की जरूरत नहीं है. कहीं कोई टेंशन नहीं है. हमलोग चिंतामुक्त होकर अपने प्रत्याशियों के लिए कैंपेन कर रहे हैं. रही बात राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस की, तो मुझे लगता है कि इसमें बताने की जरूरत नहीं है. वहां पर स्वार्थों की राजनीति है. दोनों दलों में कोई अंडरस्टैंडिंग नहीं है. एनडीए के अंदर इस तरह का कहीं कोई सीन नहीं है. हम आपसी अंडरस्टैंडिंग के साथ आठों प्रत्याशियों के लिए कैंपेन कर रहे हैं और जीत सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं.
एनडीए में आपस में गुत्थम-गुत्थी चल रही
कांग्रेस के प्रवक्ता पंकज यादव ने कहा, बिहार सरकार की स्थिति अच्छी नहीं है. अनंत सिंह जन सुराज के लिए पैरवी कर रहे हैं और कुशवाहा जी के 3 विधायक एक खेमा बनाकर लड़ाई लड़ रहे हैं. आपस में ही गुत्थम-गुत्थी चल रही है. बिहार की जनता इस बात को बखूबी समझ रही है. बिहार की राजनीति में एक नई तस्वीर देखने को मिल रही है. जदयू में अनंत सिंह को निकालने की बात हो रही है. सबसे महत्वपूर्ण है कि पार्टी को संजय झा चला रहे हैं और जो स्थिति बनी हुई है, सरकार की स्थिति अभी और भी दयनीय होगी.
रिपोर्ट: रूपेंद्र श्रीवास्तव