SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

नया नहीं है पीएम मोदी पर मल्लिकार्जुन खरगे का उल्टा-सीधा बोलना, जानें अपशब्दों की लंबी फेहरिस्त

मल्लिकार्जुन खरगे से उम्मीद की जाती है कि वे नेता विपक्ष और विरोधी पार्टी के अध्यक्ष की हैसियत से सरकार की कमियों को जनता के बीच लाएं, लेकिन इस महत्वपूर्ण काम को छोड़कर वे अपशब्दों का ताबड़तोल इस्तेमाल कर रहे हैं. उनको भ्रम है कि अपशब्द बोलने से कोई नेता बड़ा हो जाता है.

Written By Sunil Mishra
Published: Oct 26, 2026, 11:41 AM IST | Updated: Oct 26, 2026, 11:56 AM IST
Image Credit: पीएम मोदी के खिलाफ मल्लिकार्जुन खरगे का एक और अपशब्द (AI Image)
Join

पीएम मोदी को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे की घृणा नई बात नहीं है. पीएम मोदी के खिलाफ अपशब्दों की बात करें तो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अपने ही दल के मणिशंकर अय्यर से स्पर्धा करते दिखते हैं. मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं. पार्टी की बात को मुखरता से रखते हैं. राज्यसभा में वे नेता विपक्ष की हैसियत रखते हैं, लेकिन पीएम मोदी को लेकर जब उनकी जुबान खुलती है तो विवाद होना निश्चित हो जाता है. खुद संवैधानिक पद पर होते हुए दूसरे संवैधानिक पद को लेकर इस तरह की घृणा का भारत के लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है. जनता भी ऐसे बयानों को शायद ही पसंद करती होगी. जनता को ये सब पसंद आता, तो मणिशंकर अय्यर और मल्लिकार्जुन खरगे के बयानों से ही कांग्रेस बहुमत पा लेती. राहुल गांधी को अतिरिक्त मेहनत करने की जरूरत ही नहीं होती.

READ ALSO: PM मोदी पर खड़गे के विवादित बयान से भड़का NDA, जेपी नड्डा से चिराग पासवान तक ने किया तीखा पलटवार

मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस के बड़े दलित नेताओं में गिने जाते हैं. दलितों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए ही कांग्रेस ने उन्हें अपना शीर्ष पद दिया है. खरगे यह अच्छी तरह जानते हैं कि पीएम मोदी या भाजपा का कोई भी नेता उनकी गाली का जवाब गाली से नहीं दे सकता, क्योंकि ऐसा करने पर SC-ST एक्ट लगने का खतरा रहेगा. इसलिए खरगे बिंदास बोल बोलते हैं. कुछ भी बोलते हैं. उन्होंने पीएम मोदी को क्या कुछ नहीं कहा है, लेकिन पीएम मोदी या भाजपा के किसी भी बड़े पदाधिकारी यहां तक कि प्रवक्ताओं ने भी खरगे को निशाना नहीं बनाया. खरगे के बहाने भाजपाई गांधी परिवार को निशाने पर लेते रहते हैं.

आइए, जानते हैं मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी और भाजपा को लेकर कब-कब क्या कहा?

अच्छे शब्द भी मारक होते हैं, नेताओं को यह बात क्यों नहीं समझ आती?

मल्लिकार्जुन खरगे एक जिम्मेदार पद पर हैं. देश की सबसे पुरानी पार्टी के मुखिया हैं और राज्यसभा में नेता विपक्ष भी. पार्टी के कार्यकर्ता कुछ भी बोलें, लेकिन संवैधानिक पद पर बैठक व्यक्ति इस तरह की स्तरहीन बातें कैसे कर सकता है. इसमें कोई दोराय नहीं कि पिछले कुछ सालों में राजनेताओं के बीच भाषा की मर्यादा टूटी है और इसमें पक्ष-विपक्ष के नेता भी शामिल हैं, लेकिन जो लोग संवैधानिक पद पर बैठे हैं, कम से कम उन्हें तो इस बात का ख्याल रखना चाहिए. सत्ता से दूर होने के फ्रस्ट्रेशन में अगर आप पीएम मोदी को गाली दे रहे हैं या उनके खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह जान लीजिए कि वह व्यक्ति गाली का नाश्ता करता है और इससे आप सत्ता में वापसी नहीं कर सकते. देश की जनता अपने सर्वोच्च शक्तिशाली पद पर किसी गालीबाज को नहीं बैठा सकती. इतने बड़े नेता होकर भी किसी को अगर यह समझ में नहीं आती कि अच्छे शब्दों का इस्तेमाल करके भी सामने वाले पर हमले किए जा सकते हैं तो फिर क्या ही कहा जाए.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

इंडस्ट्री में 2 दशकों का अनुभव है तो खबरों की बाजीगरी आती है. डिजिटल मीडिया में आधे दशक हो चुके हैं. लंबे समय तक प्रिंट मीडिया में काम करना डिजिटल की दुनिया में मददगार साबित हुआ. दैनिक जागरण से शुरू हुआ सफर, अमर उजाला, हिन्दुस्तान, News Nation, ABP और India Ahead होते हुए Z Bihar Jharkhand तक पहुंचा है. बिहार और झारखंड की स्थानीय और राजनीतिक खबरों की विशेष समझ.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES