9 लाख शिक्षकों और 1.35 लाख पुलिसकर्मियों का वेतन रुका: बिहार में सियासी घमासान, सैलरी पर संकट पर आमने-सामने एनडीए और महागठबंधन
बिहार में 9 लाख शिक्षाकर्मियों और 1.30 लाख पुलिसकर्मियों के वेतन भुगतान पर रोक पर सूबे की सियासत गरमा गई है. वेतन रोक पर महागठबंधन और एनडीए आमने-सामने आ गए हैं. दोनों एक दूसरे पर जमकर आरोप लगा रहे हैं. दरअसल, एजी रिपोर्ट में गड़बड़ी के खुलासे के बाद जांच का आदेश दिया गया है, जिसकी वजह से वेतन को रोका गया है.
बिहार में शिक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों के वेतन भुगतान को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. एजी की ऑडिट रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा होने के बाद राज्य के वित्त विभाग ने जांच पूरी होने तक वेतन भुगतान पर फिलहाल रोक लगाने का निर्णय लिया है. रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले से करीब 9 लाख शिक्षा कर्मियों और 1 लाख 30 हजार पुलिसकर्मियों का वेतन प्रभावित हो सकता है. अब इसको लेकर सियासत तेज हो गई है, क्योंकि अक्टूबर-नवंबर का महीना त्योहारों का महीना होता है.
'करे कोई, भरे कोई', राजद ने दी प्रतिक्रिया
राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि पुलिसकर्मियों और शिक्षकों के वेतन में घोटाले के मामले सामने आए हैं. घोटाले में जिनकी संलिप्तता रही है, जिन लोगों ने इस तरह के घोटाले में अपनी भूमिका निभाई है, उन पर तो कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, लेकिन शिक्षकों और पुलिसकर्मियों के वेतन को रोक दिया गया है. यह तो स्थिति उस तरह की हो गई है कि करे कोई, भरे कोई. इस तरह की स्थिति और परिस्थिति का निर्माण करने वाली सरकार, कर्मचारियों के और जो अभी पर्व-त्योहार का समय है, उनके वेतन को रोककर उनके परिवार और पारिवारिक स्थिति को कहीं न कहीं परेशानियों में डालने का काम कर रही है, कठिनाइयों में डालने का काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि आप जिन लोगों की संलिप्तता रही है, उन पर कार्रवाई कीजिए न, उन पर सरकार का एक्शन होना चाहिए न, न कि कर्मचारियों पर, शिक्षकों पर. इस तरह की जो सरकार के स्तर से मामले देखने को मिल रहे हैं, यह गंभीर हैं और कहीं न कहीं कर्मचारियों को और शिक्षकों को ही सजा दी जा रही है, जबकि होना यह चाहिए था कि इस मामले में जिनकी संलिप्तता रही है, जिन लोगों ने वेतन घोटाले में अपनी महती भूमिका निभाई है, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए, उनको जेल की सलाखों में भेजना चाहिए, उनसे पैसे रिकवर करने चाहिए. लेकिन सरकार में बैठे हुए लोग उन तक मामले को जाने देने से पहले ही कहीं न कहीं पुलिसकर्मियों और शिक्षकों के वेतन रोककर मामले की दिशा को भटकाने का काम कर रहे हैं.
सुशासन और जवाबदेही के प्रति पूरी तरीके से प्रतिबद्ध सरकार: बीजेपी
बीजेपी के विधायक संजय गुप्ता ने कहा कि हमारी सरकार वित्तीय पारदर्शिता, सुशासन और जवाबदेही के प्रति पूरी तरीके से प्रतिबद्ध है. ऑडिट रिपोर्ट में शिक्षकों और पुलिसकर्मियों सहित संबंधित कर्मचारियों के वेतन भुगतान से संबंधित जो भी अनियमितताएं सामने आई हैं, उनकी निष्पक्ष जांच सम्राट चौधरी की सरकार यानी एनडीए की सरकार कर रही है. शिक्षकों और पुलिसकर्मियों के हितों की रक्षा करना, सरकारी व्यवस्था को पारदर्शी बनाना एनडीए सरकार की प्राथमिकता है.
'यह सरकार किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने देगी'
उन्होंने कहा कि जांच के नाम पर न तो किसी निर्दोष कर्मचारी के साथ अन्याय होना चाहिए और न ही कोई वास्तविकता वाली जो अनियमितताएं कर्मचारी किए हैं, उनको भी बख्शा जाना चाहिए. यह पहली सरकार नहीं है, जंगलराज और आतंकराज की, जिसमें पशुपालन घोटाला कर-करके और वैसे सारे कर्मचारी, अधिकारी और सारे राजनेता संलिप्त होते थे, आज उसका प्रतिफल तेजस्वी जी और उनके पूरे परिवार को मिल रहा है. वैसे सरकार, जो विपक्ष यह सवाल खड़ा कर रही है, पहले खुद को आईने में देखने का काम करे और यह सरकार किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने देगी.
आखिर बिहार में कोई सरकार चल रही है, कोई व्यवस्था चल रही है या अराजकता है?- कांग्रेस
कांग्रेस के प्रवक्ता शिशिर कौण्डिल्य ने कहा कि आखिर बिहार में यह हो क्या रहा है? कहीं टीचर का ग्रुप वेतन निकाल ले रहा है, तो कहीं सिपाही का ग्रुप. यह क्या सुनने को मिल रहा है? आखिर बिहार में कोई सरकार चल रही है, कोई व्यवस्था चल रही है या अराजकता है? दरअसल, भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार में जो स्थिति बनी है बिहार की, वह यही है.
उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हो रहा है, तो मैं पूछना चाहता हूं कि सरकार का इंटरनल विजिलेंस क्या कर रहा था उस दौर में? मुख्यमंत्री बेहद कमजोर हैं और सरकार अराजक हो गई है, व्यवस्था पूरी तरह बर्बाद है, इसलिए इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं.
अगर कोई भी अनियमितता सामने आती है, तो उसका दोष दूर करना प्राथमिकता: जदयू
जदयू की प्रवक्ता पूजा पैट्रिक ने कहा कि बिहार में हमारी एनडीए की सरकार हर विभाग को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रतिबद्ध रूप से काम करती है और अगर कोई भी अनियमितता सामने आती है, तो उसका दोष दूर करना और उसके निवारण के लिए भी कार्य करना हमारी सरकार की प्राथमिकता रहती है.
उन्होंने कहा कि अगर वित्त विभाग ने किसी भी विभाग को अनियमितताओं के लिए कोई प्रश्न पूछा है, तो उसका जवाब भी दिया जाएगा. हां, हम समझ सकते हैं कि शिक्षकों और पुलिसकर्मियों को जो अभी परेशानी उठानी पड़ रही है, इस पर्व के समय परेशानी उठानी पड़ रही है, आप चिंता न करें. जैसे ही यह अनियमितताएं दूर हो जाएंगी, आपके वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा.
रिपोर्ट: रुपेंद्र श्रीवास्तव
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