बिहार में शिक्षकों और पुलिसवालों की दिवाली पर ग्रहण लग गया है! ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि उनके वेतन भुगतान पर लगाई गई रोक खुद बता रही है. दरअसल, बिहार सरकार के वित्त विभाग ने शिक्षा विभाग और गृह विभाग को पत्र लिखकर पदाधिकारियों और कर्मियों के वेतन और भत्ते की जांच करने को कहा है. गृह विभाग को लिखे पत्र में विभाग के पदाधिकारियों और कर्मियों के वेतन भुगतान से संबंधित आंकड़ों की जांच करने पर कई विसंगति पाए जाने का हवाला देते हुए अगले माह के वेतन से पहले जांच करने की बात कही गई है, अन्यथा वेतन रोक दिया जाएगा. वहीं, शिक्षा विभाग में भी इसी तरह के पत्र जारी किए गए हैं.
शिक्षा विभाग उपनिदेशक जनसंपर्क दिनेश कुमार ने बताया कि भागलपुर, औरंगाबाद, जमुई और कई जिलों में इन विभागों से गलत भुगतान का मामला सामने आने के बाद जांच-पड़ताल तेज कर दी गई है. शिक्षा विभाग में भी भुगतान से संबंधित कई फर्जी मामलों के प्रारंभिक सबूत मिले हैं. इस बात को लेकर शिक्षकों से लेकर कर्मियों और पदाधिकारियों के वेतन और भत्तों की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि इनके बैंक खाते भी मांगे गए हैं और उनके वेतन से दी गई राशि का मिलान किया जा रहा है. भत्तों को लेकर भी कई फर्जीवाड़े सामने आए हैं.
ऐसे में राजनैतिक विश्लेषक अरुण कुमार का मानना है कि यह गंभीर मसला है और समय से जांच नहीं हो पाई, तो जैसा कि हर बार अमूमन दीपावली के पहले इस महीने का वेतन मिल जाता था, लेकिन इस बार यह संदिग्ध हो गया है.
बता दें कि पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि जिनके भी स्तर से वेतन भुगतान को लेकर अनियमितता सामने आएगी, उनके खिलाफ आपराधिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. साथ ही अधिक भुगतान की वसूली भी हर हाल में की जाएगी यानी जिन्होंने फर्जी बिल पास कराया है, उन पर क्रिमिनल केस किया जाएगा और जिन अधिकारियों ने बिल पास किया है, उन पर भी क्रिमिनल केस किया जाएगा. अब दोनों विभागों में हड़कंप है और जांच-पड़ताल की कार्रवाई तेज कर दी गई है.
रिपोर्ट: रजनीश