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BJP-JDU की तनातनी के बीच पटना में नीतीश कुमार के आवास पर पार्टी नेताओं की जमघट, अशोक चौधरी-ललन सिंह मिलने पहुंचे

बीजेपी और जेडीयू के बीच मचे घमासान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर पार्टी नेताओं का जमघट लगने लगा है. आज (मंगलवार, 15 सितंबर) की सुबह-सुबह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने 7 सर्कुलर रोड आवास पर जाकर नीतीश कुमार से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद बिहार की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है.

Written By K. Raj Mishra
Published: Sep 15, 2026, 10:39 AM IST | Updated: Sep 15, 2026, 11:28 AM IST
Image Credit: नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे ललन सिंह-अशोक चौधरी (File Photo- Zee Media)
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बीजेपी और जेडीयू के बीच मचे घमासान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर पार्टी नेताओं का जमघट लगने लगा है. आज (मंगलवार, 15 सितंबर) की सुबह-सुबह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने 7 सर्कुलर रोड आवास पर जाकर नीतीश कुमार से मुलाकात की. UCC पर अमित शाह के बयान के बाद से जेडीयू और बीजेपी के रिश्तों में तल्खी देखने को मिल रही है. बीजेपी नेताओं ने जहां UCC का समर्थन किया है. वहीं, जेडीयू ने साफ कहा है कि बिहार में इसे लागू नहीं किया जाएगा. इस सबके बीच नीतीश कुमार से जेडीयू नेताओं की मुलाकात ने बिहार की राजनीतिक पारे को चढ़ा दिया है.

यूसीसी पर बीजेपी से है मतभेद

यूसीसी पर जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि वह इस मुद्दे पर जल्द ही गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे और इसके बाद पार्टी इस विषय पर अपना रुख तय करेगी. वहीं, जेडीयू विधायक श्याम रजक और MLC नीरज कुमार ने तो बिहार में यूसीसी लागू नहीं होने की बात कही. नीरज कुमार ने कहा कि UCC को लेकर हमारी पार्टी का नजरिया बिल्कुल साफ है. जब नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने लॉ कमीशन को एक चिट्ठी लिखी थी और वही चिट्ठी आज भी हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत है. उसमें साफ कहा गया है कि किसी भी समुदाय को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए. यह देश सबका है.

पार्टी ने 18 सितंबर को बुलाई अहम बैठक

उधर, जेडीयू ने 18 तारीख को अपने विधायकों और विधान पार्षदों की पटना में एक अहम बैठक बुलाई है. इस बैठक में नीतीश कुमार भी शामिल हो सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पार्टी विधायकों से सरकार के कामकाज को लेकर फीडबैक भी लिया जा सकता है और आगे की रणनीति भी तैयार हो सकती है. इसके अलावा पार्टी का नाम बदलने के प्रस्ताव पर राय मांगी जा सकती है. फिलहाल, इस मुद्दे पर पार्टी में दो गुट नजर आ रहे हैं. एक गुट ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है तो दूसरा इसके विरोध में है. 

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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