BJP-JDU की तनातनी के बीच पटना में नीतीश कुमार के आवास पर पार्टी नेताओं की जमघट, अशोक चौधरी-ललन सिंह मिलने पहुंचे
बीजेपी और जेडीयू के बीच मचे घमासान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर पार्टी नेताओं का जमघट लगने लगा है. आज (मंगलवार, 15 सितंबर) की सुबह-सुबह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने 7 सर्कुलर रोड आवास पर जाकर नीतीश कुमार से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद बिहार की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है.
बीजेपी और जेडीयू के बीच मचे घमासान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर पार्टी नेताओं का जमघट लगने लगा है. आज (मंगलवार, 15 सितंबर) की सुबह-सुबह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने 7 सर्कुलर रोड आवास पर जाकर नीतीश कुमार से मुलाकात की. UCC पर अमित शाह के बयान के बाद से जेडीयू और बीजेपी के रिश्तों में तल्खी देखने को मिल रही है. बीजेपी नेताओं ने जहां UCC का समर्थन किया है. वहीं, जेडीयू ने साफ कहा है कि बिहार में इसे लागू नहीं किया जाएगा. इस सबके बीच नीतीश कुमार से जेडीयू नेताओं की मुलाकात ने बिहार की राजनीतिक पारे को चढ़ा दिया है.
यूसीसी पर बीजेपी से है मतभेद
यूसीसी पर जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि वह इस मुद्दे पर जल्द ही गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे और इसके बाद पार्टी इस विषय पर अपना रुख तय करेगी. वहीं, जेडीयू विधायक श्याम रजक और MLC नीरज कुमार ने तो बिहार में यूसीसी लागू नहीं होने की बात कही. नीरज कुमार ने कहा कि UCC को लेकर हमारी पार्टी का नजरिया बिल्कुल साफ है. जब नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने लॉ कमीशन को एक चिट्ठी लिखी थी और वही चिट्ठी आज भी हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत है. उसमें साफ कहा गया है कि किसी भी समुदाय को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए. यह देश सबका है.
पार्टी ने 18 सितंबर को बुलाई अहम बैठक
उधर, जेडीयू ने 18 तारीख को अपने विधायकों और विधान पार्षदों की पटना में एक अहम बैठक बुलाई है. इस बैठक में नीतीश कुमार भी शामिल हो सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पार्टी विधायकों से सरकार के कामकाज को लेकर फीडबैक भी लिया जा सकता है और आगे की रणनीति भी तैयार हो सकती है. इसके अलावा पार्टी का नाम बदलने के प्रस्ताव पर राय मांगी जा सकती है. फिलहाल, इस मुद्दे पर पार्टी में दो गुट नजर आ रहे हैं. एक गुट ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है तो दूसरा इसके विरोध में है.