कोसी के बढ़ते जलस्तर से मधेपुरा में बाढ़ का खतरा, चौसा, आलमनगर के निचले इलाकों में आया पानी
Bihar Flood: मधेपुरा में कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से चौसा और आलमनगर के निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है. कई गांवों के चारों तरफ पानी पहुंचने से आवागमन और मवेशियों के चारे की समस्या बढ़ गई है.
Bihar Flood: कोसी नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण मधेपुरा जिले के चौसा और आलमनगर प्रखंड के निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है. कई गांवों के चारों तरफ पानी पहुंचने से लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है. निचले इलाकों में आवागमन के साथ-साथ मवेशियों के लिए चारा जुटाने की समस्या भी उत्पन्न हो गई है.
जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ की आशंका
जलस्तर में वृद्धि से ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका भी गहराने लगी है. स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में नावों का परिचालन शुरू करा दिया है. वहीं ADM आपदा मुकेश कुमार ने बताया कि चौसा प्रखंड में 16 निजी और 3 सरकारी नावें, जबकि आलमनगर में 36 स्थानों पर निजी नावों का परिचालन शुरू कराया गया है. इसके अलावा मोटरबोट और एसडीआरएफ की टीम को भी तैनात रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके.
ADM ने बताया कि निचले इलाकों में पानी आने से कुछ मार्ग बंद
ADM ने बताया कि निचले इलाकों में पानी आने से कुछ मार्ग बंद पड़े हुए हैं. जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि बाढ़ की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है. आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई शुरू करने के साथ ही उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की भी तैयारी पूरी है. उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है. निचले इलाकों में पानी पहुंचने के बाद ग्रामीण अपने मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए ऊंचे स्थानों पर ले जाने लगे हैं.
निचले इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
इधर, आलमनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सह बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि वे अपने क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. निचले इलाकों में पानी पहुंचा है और जिला प्रशासन भी स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है. बारिश और कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर का असर मधेपुरा-खगड़िया-भागलपुर जिला सीमा क्षेत्र से गुजरने वाली कोसी की सहायक नदियों पर भी दिखाई दे रहा है. जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी रही तो आने वाले दिनों में प्रभावित गांवों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है.
रिपोर्ट: प्रशांत कुमार