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बिहार में कोसी और गंडक का रौद्र रूप: दरभंगा के कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, मोतिहारी में हाईवे भी डूबा

Bihar flood: दरभंगा में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है. वहीं मोतिहारी में गंडक बैराज से छोड़े गए पानी के कारण कई गांव प्रभावित हैं और स्टेट हाईवे-74 पर लगभग 2 से 3 फीट पानी बह रहा है.

Edited By Rupak Kumar
Published: Sep 29, 2026, 01:25 PM IST | Updated: Sep 29, 2026, 01:38 PM IST
Image Credit: प्रतिकात्मक तस्वीर (AI Photo)
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Bihar flood: दरभंगा में कोसी नदी के जलस्तर में लगातार दो दिनों तक हुई वृद्धि से जिले के किरतपुर प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है. सिरनिया, बनरी, तरवारा और बकोनिया समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. दर्जनों घरों में पानी घुसने के बाद ग्रामीण जरूरी सामान लेकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं. प्रभावित परिवार को नाव के सहारे सुरक्षित स्थानों तक पहुंच रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार,  जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी के कारण स्थिति और भी ज्यादा गंभीर बन गई है. गांवों में आवागमन प्रभावित होने के साथ लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है. अंचलाधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि प्रशासन की टीम लगातार कोसी बांध का निरीक्षण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

कोसी-कमला बलान के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता
इधर, कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड से होकर गुजरने वाली कोसी और कमला बलान नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. कमला तटबंध से पूरब बसे इटहर, उसरी, उजुआ सिमरटोका और तिलकेश्वर पंचायत के लोगों में संभावित बाढ़ को लेकर दहशत है. हालांकि, अभी तक किसी गांव में बाढ़ का पानी घरों में नहीं घुसा है. नदी का पानी आसपास के चौरों में तेजी से फैल रहा है. इटहर पोखर, चौकिया, लक्ष्मीनिया, झाझा, कोदरा, कुंजभवन, सिमरटैका, गैईजोरी, बुढ़िया सुकराती, हरिनाही, सगरदीना, कौनिया और अरराही गांव की सड़कों पर बाढ़ का पानी आ गया है. इससे करीब 20 हजार की आबादी की आवाजाही प्रभावित हुई है और लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है.

स्कूल परिसर तक पहुंचा बाढ़ का पानी
बाढ़ के पानी के फैलाव से प्राथमिक विद्यालय इटहर पोखर और लक्ष्मीनिया के परिसर में भी पानी पहुंच गया है. फिलहाल बाढ़ के पानी से फसलों को नुकसान की सूचना नहीं है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी के जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहा तो चौरों में लगी फसलें डूब सकती हैं, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है. ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में नाव उपलब्ध कराने के साथ राहत एवं बचाव की व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है.

संग्रामपुर प्रखंड के कई गांवों में भी बाढ़ की स्थिति
वहीं, नेपाल में हुई लगातार बारिश और वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से छोड़े गए करीब साढ़े नौ लाख क्यूसेक पानी के कारण मोतिहारी के संग्रामपुर प्रखंड के कई गांवों में भी बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है. निचले इलाकों के कई घरों में बाढ़ का पानी पूरी तरह प्रवेश कर गया है.

अरेराज-खजुरिया स्टेट हाईवे-74 पर दो से तीन फीट पानी
अरेराज-खजुरिया स्टेट हाईवे-74 पर लगभग दो से तीन फीट पानी बह रहा है, जिससे वाहनों का परिचालन लगभग थम गया है. भारी वाहन धीरे-धीरे आ-जा रहे हैं, जबकि छोटी गाड़ियों का परिचालन लगभग बंद है. जिन घरों में पानी घुस गया है, वहां के लोग छतों या चंपारण तटबंध पर शरण लिए हुए हैं. नाव के सहारे स्कूली बच्चे स्कूल जा रहे हैं. प्रशासन ने 18 नावों का पंजीकरण कर उन्हें किनारे लगाया है, ताकि बाढ़ पीड़ितों को लाने-ले जाने में परेशानी न हो. बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है.

रिपोर्ट: मुकेश कुमार (दरभंगा), पंकज कुमार (मोतिहारी)

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About the Author

रुपक कुमार मिश्रा zee bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-editor के तौर पर कार्यरत है. वे राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और रुटीन खबरों पर काम करते हैं. इसके अलावा, टेक्नोसिस मीडिया में इन्हें एक साल काम करने का अनुभव है. शिक्षा की बात करें तो राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से इन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है.
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