वेतन से कई गुना भत्ते: बिहार विधान परिषद के नवनिर्वाचित सदस्यों को कितनी मिलेगी सैलरी, भत्ते और पेंशन
विधान परिषद सदस्यों के लिए वेतन से ज्यादा भत्तों की व्यवस्था की गई है. क्षेत्रीय भत्ता, पीए भत्ता, यात्रा भत्ता, क्षेत्रीय भत्ता, सत्र में भाग लेने के लिए भत्ता आदि मिलते हैं. ये सब भत्ते मिलाकर वेतन से कई गुना ज्यादा हो जाते हैं.
बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाली मतगणना में से 7 पर नतीजे आ गए हैं. इनमें से बीजेपी के 2, जेडीूय के 1, जन सुराज पार्टी के 1, राष्ट्रीय जनता दल के 1 प्रत्याशी की जीत हुई है. दरभंगा स्नातक सीट पर अभी रिजल्ट नहीं आया है. अगर दरभंगा सीट एनडीए के खाते में नहीं आई तो यह पूरा चुनाव उसके खिलाफ जा सकता है और उसे कुछ हासिल होने के बदले एक सीट का नुकसान हो सकता है. 4 सीटें पहले से उसके पास थीं. 2 सीटें भाजपा और 1 सीट जेडीयू के खाते में जा चुकी है. जन सुराज पार्टी ने दरभंगा शिक्षक सीट से विधान परिषद में डेब्यू किया है, तो पटना शिक्षक सीट से राष्ट्रीय जनता दल ने भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका दिया है. उसके प्रत्याशी डॉ. संजीव ने भाजपा के नवल किशोर यादव को करारी मात दी है. दो सीटें निर्दलीय के खाते में गई हैं. अब आइए जानते हैं कि इन नवनिर्वाचित विधान पार्षदों को कितनी सैलरी मिलेगी, कितने भत्ते मिलेंगे?
विधान परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विधान पार्षदों को मूल वेतन के रूप में 50 हजार रुपये प्रति माह मिलेंगे, जबकि 55 हजार रुपये उन्हें क्षेत्रीय भत्ता मिलेगा. निजी सहायक रखने के एवज में 40 हजार रुपये हर महीने मिलेंगे. वहीं स्टेशनरी और डाक भत्ता के रूप में 15 हजार रुपये भी हर महीने उन्हें दिए जाएंगे. इसके अलावा, उन्हें राज्य के भीतर सत्र एवं बैठकों के दौरान 3000 रुपये रोजाना और राज्य के बाहर 3500 रुपये हर दिन दिए जाएंगे.
बिहार विधान परिषद सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन
मासिक वेतन एवं भत्ते
| मद | वर्तमान राशि |
|---|---|
| मूल वेतन | ₹50,000 प्रति माह |
| क्षेत्रीय भत्ता | ₹55,000 प्रति माह |
| निजी सहायक / अनुसेवक भत्ता | ₹40,000 प्रति माह |
| स्टेशनरी एवं डाक भत्ता | ₹15,000 प्रति माह |
| कुल निश्चित मासिक राशि | ₹1,60,000 |
दैनिक भत्ता
| मद | वर्तमान दर |
|---|---|
| राज्य के भीतर | ₹3,000 प्रति दिन |
| राज्य के बाहर | ₹3,500 प्रति दिन |
यात्रा एवं अन्य सुविधाएं
| मद | वर्तमान राशि / दर |
|---|---|
| रेल / हवाई यात्रा कूपन | ₹4,00,000 प्रति वर्ष |
| सड़क यात्रा भत्ता | ₹25 प्रति किलोमीटर |
| मोटरकार अग्रिम ऋण | ₹25,00,000 |
पूर्व सदस्यों की पेंशन एवं सुविधाएं
| मद | वर्तमान राशि / दर |
|---|---|
| मूल पेंशन | ₹45,000 प्रति माह |
| पेंशन में अतिरिक्त वार्षिक वृद्धि | ₹4,000 प्रति वर्ष |
| चिकित्सा एवं यात्रा सीमा | ₹2,00,000 प्रति वर्ष |
यात्रा और अन्य वार्षिक सुविधाओं की बात करें तो रेल और हवाई कूपन के रूप में 4 लाख रुपये हर साल उन्हें दिए जाते हैं. इसके अलावा सड़क यात्रा भत्ता के रूप में 25 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया जाता है. कार लोन के रूप में 25 लाख तक रुपये दिए जाने की सुविधा है.
विधान परिषद सदस्य की सुरक्षा
विधान परिषद सदस्य की सुविधा की बात करें तो गृह विभाग क सुरक्षा संबंधी समिति सिक्योरिटी रिव्यू करती है. उसके आधार पर सदस्यों की सुरक्षा दी जाती है. वैसे मानक सुरक्षा व्यवस्था की बात करें तो हर विधान पार्षद को 24 घंटे की सुरक्षा के लिए कम से कम 2 पीएसओ यानी पर्सनल सिक्योरिटी अफसर रोटेशन में दिए जाते हैं. अगर कोई परिषद सदस्य संवेदनशील या नक्सल प्रभावित क्षेत्र से आता है तो पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ा दी जाती है. अगर कोई सदस्य मंत्री बन जाता है, सभापति या उपसभापति की कुर्सी पर आसीन होता है तो उन्हें पायलट, एस्कॉर्ट और 10 से 15 सुरक्षाकर्मियों का पूरा घेरा मिलता है.