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बिहार के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. बीते दिन (3 नवंबर, 2026) किशनगंज की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) रूबी कुमारी और उनके रेलकर्मी पति गौरव कुमार के ठिकानों पर EOU ने छापेमारी की. इस कार्रवाई में दंपति के पास से अकूत संपत्ति का खुलासा हुआ है, जिसे देखकर जांच एजेंसियां भी हैरान रह गई.
DPO रूबी कुमारी के घर EOU को छापेमारी के दौरान लगभग 3 करोड़ रुपये की अनुमानित कीमत वाले 10 प्लॉट के कागजात, 2 लाख 84 हजार रुपये नकद, करीब 6 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात, कटिहार की एक पॉश कॉलोनी में 8 डिसमिल जमीन पर बन रहा एक पांच मंजिला आलीशान मकान और एक बेनामी स्कॉर्पियो गाड़ी मिला है.
EOU द्वारा दर्ज प्राथमिकी- कांड संख्या-31/26 के मुताबिक, 2018 बैच की बिहार शिक्षा सेवा की अधिकारी रूबी कुमारी और कटिहार रेलवे स्टेशन पर लोको सहायक के रूप में कार्यरत उनके पति गौरव कुमार ने मिलकर वैध आय से 2 करोड़ 54 लाख 84 हजार रुपये अधिक की संपत्ति जुटाई है. यह राशि उनकी ज्ञात आय से करीब 87.49% अधिक है.
87 फीसदी से अधिक आय से अधिक संपति अर्जित करने के मामले में मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे से शुरू हुई यह छापेमारी शाम तक चली. EOU ने इसके लिए किशनगंज स्थित सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय परिसर में डीपीओ का सरकारी कार्यालय, लाइन इलाके में स्थित उनका किराए का मकान, कटिहार के मिरचाईबाड़ी (सहायक थाना क्षेत्र) स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी में उनके दो ठिकाने पर छापेमारी की.
कार्रवाई के दौरान कई जगहों पर अलमारी के ताले तुड़वाने के लिए बाहर से मजदूरों को बुलाना पड़ा. साथ ही, EOU को जेवरात के सही कीमतों को पता लगाने के लिए स्थानीय ज्वैलर्स की मदद लेनी पड़ी. फिलहाल, EOU जब्त किए गए दस्तावेजों और बैंक खातों की गहनता से पड़ताल कर रही है.
छापेमारी के दौरान आर्थिक अपराध इकाई के डीएसपी राकेश कुमार ने बताया कि विश्वस्त सूत्रों के आधार पर आर्थिक अपराध विभाग में रूबी कुमारी के खिलाफ कांड दर्ज किया गया था, जिसके बाद EOU की बारह सदस्यीय टीम किशनगंज में छापेमारी के लिए पहुचीं थी. उन्होंने बताया कि किशनगंज की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी रूबी कुमारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति लगभग 87 फीसदी से ज्यादा की शिकायत मिली थी. उन्होंने कहा कि छापेमारी के दौरान काफी ज्यादा जमीन, फ्लैट और वाहनों के दस्तावेज बरामद हुए हैं. उन्होंने कहा कि छापेमारी के बाद आरोपी रूबी कुमारी का पहले पक्ष लिया जायेगा, उसके बात ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.
इस बीच, सामाजिक कार्यकर्ता आबिद हुसैन ने बताया कि एक साल पहले रूबी कुमारी किशनगंज शिक्षा विभाग में जिला कार्यक्रम अधिकारी के पद पर थी. उन्होंने आगे बताया कि वह रोजाना अपनी निजी गाड़ी से किशनगंज और कटिहार के बीच आना-जाना करती थीं. उनके अनुसार, केवल इस आवाजाही का मासिक खर्च 52,000 रुपये आता था. इसके अलावा, उन्होंने कटिहार के हसनगंज और कोढ़ा ब्लॉक में करोड़ों रुपये की जमीन खरीदी थी.
इनपुट: अमित कुमार सिंह