कैमूर जिले में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ. भभुआ शहर में 21 अक्टूबर को मां दुर्गा का भव्य जुलूस निकाला गया, जो पूरे नगर का भ्रमण करते हुए 22 अक्टूबर की सुबह विसर्जन स्थलों तक पहुंचा. जुलूस और विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी रात मुस्तैद रहा. वहीं, भागलपुर जिले में भी विजयादशमी के अवसर पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ. जिले के प्रसिद्ध दुर्गा मंदिरों में श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां को विदाई दी और अगले वर्ष फिर आने की कामना की.
विधि-व्यवस्था का जायजा लेने के लिए कैमूर के जिलाधिकारी कुमार अनुराग स्वयं सड़कों पर मौजूद रहे. उन्होंने बताया कि भभुआ और मोहनिया में विसर्जन की अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं. पूरे जिले में 400 से अधिक प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं, जिनमें से अधिकांश का विसर्जन पहले ही पूरा करा लिया गया था. वहीं, भभुआ में लगभग 30 से अधिक प्रतिमाओं का जुलूस निकाला गया था, जिनका विसर्जन 22 अक्टूबर की सुबह में हुई. जिलाधिकारी ने बताया कि वे और पुलिस अधीक्षक रातभर कैंप करते रहे, ताकि शांतिपूर्ण माहौल बना रहे. उन्होंने पूजा समितियों के सहयोग की सराहना करते हुए तय समय-सीमा के भीतर बिना डीजे के शांतिपूर्वक विसर्जन पूरा करने की अपील की.
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कैमूर के पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने बताया कि सभी विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी. विसर्जन के दौरान बच्चों के गहरे पानी में जाने की आशंका को देखते हुए स्थानीय गोताखोरों को भी अलर्ट रखा गया था. प्रशासन की मुस्तैदी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के कारण विसर्जन बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुआ.
वहीं, भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल स्थित भ्रमरपुर गांव के प्रसिद्ध सिद्धपीठ मणिद्वीप दुर्गा महारानी के विसर्जन में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा. ढोल-झाल और पटाखों के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने मां को विदाई दी. भ्रमरपुर गांव में आयोजित विसर्जन में दो दर्जन से अधिक गांवों के श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया. इस दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सिंदूर खेला की परंपरा निभाई. साथ ही मंदिर की पिंडी पर सिंदूर से अपनी मनोकामनाएं लिखकर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया. विसर्जन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए नवगछिया पुलिस जिले के 200 से अधिक जवानों की तैनाती की गई थी. पुलिस की निगरानी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ.
जमुई जिले झाझा नगर क्षेत्र में बुधवार को चार पूजा स्थलों पर स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर भव्य शोभायात्रा निकाली गई. इससे पहले पूजा पंडालों में महाआरती हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. महाआरती के बाद महिलाओं ने सिंदूर की होली खेलकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं. देर शाम निकली शोभायात्रा में ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों की धुन पर श्रद्धालु झूमते हुए जय माता दी के जयकारे लगाते रहे. नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत किया गया और युवाओं ने भी भक्ति गीतों पर नृत्य किया. अंत में शोभायात्रा रेलवे तालाब पहुंची, जहां विधि-विधान से मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया. इस दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन मुस्तैद रहा और विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल व मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी.
रिपोर्ट: अभिषेक निरला (जमुई), नरेंद्र जयसवाल (कैमूर), अश्वनी कुमार (भागलपुर)