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बिहार: POCSO एक्ट में राज्य में कितने केस और देश भर में कितने नंबर पर

जमुई में नाबालिग से बदसलूकी और छेड़खानी के मामले में पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है. पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मुकदमों में देश में बिहार का चौथा स्थान है और करीब 16 हजार से ज्यादा मामले लंबित पड़े हैं. ऐसे में सरकार को इस ओर भी ध्यान देने की जरूरत है.

Written By K. Raj Mishra
Published: Sep 23, 2026, 08:54 AM IST | Updated: Oct 06, 2026, 08:34 AM IST
Image Credit: प्रतीकात्मक तस्वीर
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जमुई में नाबालिग लड़की के साथ छेड़खानी मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. पुलिस ने इस कांड के मुख्य आरोपी नंदन यादव को हाफ एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है. नंदन के साथ उसका साथी हरेराम यादव को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. अब तक इस केस में करीब 6 से 8 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. लड़की नाबालिग है, इसलिए आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत कार्रवाई की जाएगी. अब सवाल यह है कि बिहार में पॉक्सो एक्ट के कितने मामले हैं और देश में बिहार का कितना नंबर है?

क्या है पॉक्सो एक्ट और कितना सख्त है कानून?

नाबालिग बच्चों को सेक्शुअल अब्यूज से बचाने के लिए साल 2012 में केंद्र सरकार ने पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) कानून बनाया था. यह कानून 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन शोषण और पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर अपराधों से सुरक्षित रखता है. इस कानून में लैंगिक भेदभाव नहीं है, यानी नाबालिग लड़की और लड़के दोनों को यह कानून संरक्षण देता है. साल 2019 में इस कानून को और ज्यादा सख्त कर दिया गया. अब 16 साल से कम उम्र के बच्चों से रेप के मामले में 10 साल की न्यूनतम सजा को बढ़ाकर 20 साल का प्रावधान है. वहीं, 12 साल से कम उम्र के बच्चों से यौन शोषण पर उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा का प्रावधान है. पॉक्सो एक्ट लगने पर तुरंत गिरफ्तारी का प्रावधान है. 

बिहार में POCSO Act के कितने केस?

दी गई जानकारी के आधार पर POCSO एक्ट से संबंधित आंकड़ों की तालिका:
राज्यपॉक्सो एक्ट के तहत मामले (दर्ज / लंबित)
उत्तर प्रदेश19,039 (सबसे अधिक दर्ज)
महाराष्ट्रदूसरा स्थान
पश्चिम बंगालतीसरा स्थान
बिहारलगभग 16,000
कुल देश भर में (लंबित)2,43,615
कुल देश भर में 2025 में दर्ज80,320

लड़ाई अभी बहुत लंबी है!

हालांकि, पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत अपराधों की सुनवाई बेहद धीमी है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) और केंद्रीय कानून मंत्रालय की ओर से 2025 में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में POCSO एक्ट के तहत 2,43,615 मामले लंबित हैं. ये आंकड़े बच्चों को जल्द न्याय दिलाने के लिए न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की तत्काल जरूरत को उजागर करते हैं. केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के मुताबिक, साल 2025 में पाक्सो अधिनियम के तहत 80,320 मामले दर्ज किए गए. पॉक्सो एक्ट के तहत उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मुकदमे लंबित या दर्ज हैं. यूपी में सबसे अधिक 19,039 मामले दर्ज किए गए. इस मामले में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के बाद बिहार का नंबर आता है. प्रदेश में पॉक्सो एक्ट के लगभग 16 हजार मामले लंबित या दर्ज हैं.

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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