पुलिस दीदी थप्पड़कांड में नया मोड़: आरोपी गुलाम अली अब भी फरार, रिश्तेदार का आरोप- 'छत पर ले जाकर मारी 200 लाठियां, 60 हजार लेकर छोड़ा'
पटना में पुलिस दीदी को थप्पड़ मारने वाला गुलाम अली अभी फरार चल रहा है. वहीं, उसके रिश्तेदार ने थाने में मारपीट और 60 हजार रुपये लेने का लगाया आरोप पुलिस पर लगाया है.
बिहार की राजधानी पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र में पुलिस दीदी को थप्पड़ मारने का आरोपी गुलाम अली अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. गुलाम अली पटना में रहकर NEET की तैयारी करता था. आरोप है कि पुलिस दीदी से विवाद के दौरान उसने उनके साथ मारपीट करते हुए थप्पड़ मार दिया था. घटना का वीडियो सामने आने के बाद पटना पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया. पुलिस ने गुलाम अली के दो साथियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है.
इसी मामले में गुलाम अली के रिश्तेदार शमशाद आलम ने रामकृष्ण नगर थाने की पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शमशाद का कहना है कि वह करीब 20 वर्षों से पटना में रह रहा है और जिम ट्रेनर है. उसके साले के मामले में पुलिस ने उसे और उसके भांजे को हिरासत में लिया था.
शमशाद ने आरोप लगाया कि थाने में दोनों के साथ मारपीट की गई. उसका दावा है कि कैमरे की नजर से बचाकर उसे छत पर ले जाया गया और डेढ़ से दो सौ लाठियां मारी गईं. शमशाद के मुताबिक, उन्हें छोड़ने के बदले 60 हजार रुपये की मांग की गई, जिसके बाद उसकी पत्नी ने एटीएम से रुपये निकालकर दिए. रविवार शाम करीब साढ़े सात बजे उन्हें छोड़ा गया.
रिहाई के बाद 4 अक्टूबर की रात शमशाद और उसके भांजे ने एलएनजेपी अस्पताल में इलाज कराया. मामला पूर्वी एसपी शैलजा दास के संज्ञान में आने के बाद जांच शुरू कराई गई.
पूर्वी एसपी कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रामकृष्ण नगर थाना से संबंधित एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मियों पर एक व्यक्ति को पकड़कर थाने लाने, मारपीट करने और पैसे लेकर छोड़ने का आरोप लगाया गया है. आरोपों की जांच के लिए अनुमंडल पुलिस अधिकारी-2, सदर, पटना के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई है.
पुलिस के मुताबिक, जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारी या कर्मी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, संबंधित पुलिस अधिकारी या कर्मी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है.
रिपोर्ट: प्रकाश कुमार सिन्हा