गंडक का तांडवः बेतिया में चंपारण तटबंध टूटने से कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, SDRF ने 250 लोगों का किया सफल रेस्क्यू
Bettiah Flood: बेतिया के बैरिया प्रखंड की फुलियाखाड़ पंचायत में मंगलवार रात करीब 2 बजे चंपारण तटबंध टूट गया. बांध टूटने के बाद नौतन और बैरिया प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से फैलने लगा. वहीं, जरलपुर खुटवनिया में SDRF की टीम ने नाव के जरिए करीब 250 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला.
Bettiah Flood: बेतिया के बैरिया प्रखंड क्षेत्र की फुलियाखाड़ पंचायत में मंगलवार रात करीब 2 बजे चंपारण तटबंध टूट गया. बांध टूटने से नौतन और बैरिया प्रखंड के आधा दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. बांध टूटने के बाद आसपास के गांवों में अफरा-तफरी का माहौल है. शिवराजपुर चरखी, पासवान टोला, फुलियाखाड़, फत्तुछापर, सुदामा नगर, आसाराम और पथखौली समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी बढ़ने लगा है. ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की तलाश में बांध पर शरण ले रहे हैं.
पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ा
बांध टूटने से कई पंचायतों में दहशत का माहौल है. पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ रहा है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है. इसी बीच बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची. बेतिया के जरलपुर खुटवनिया वार्ड नंबर-13 में एसडीआरएफ की टीम ने बाढ़ में फंसे लोगों का रेस्क्यू शुरू किया. टीम ने एक नाव के सहारे करीब 250 लोगों को सफलतापूर्वक सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया.
दो दिन से ट्रैक्टर पर फंसे थे लोग
जरलपुर खुटवनिया में पिछले दो दिनों से ट्रैक्टर पर फंसे दर्जनों लोगों का भी एसडीआरएफ की टीम ने सफल रेस्क्यू किया. इनमें करीब एक दर्जन महिलाएं और बच्चे शामिल थे, जो दो दिनों से बिना खाना खाए बाढ़ के बीच ट्रैक्टर पर शरण लिए हुए थे. अचानक पानी बढ़ने के बाद उनके लिए वहां से निकलना मुश्किल हो गया था. रेस्क्यू के बाद महिलाओं ने एसडीआरएफ की टीम का धन्यवाद किया. उन्होंने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी मदद पहुंचेगी, लेकिन एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर उनकी जान बचाई.
महिलाओं-बच्चों और दो मरीजों समेत 250 लोगों को बचाया
एसडीआरएफ के जवानों के मुताबिक, एक ही नाव से करीब 250 लोगों का सफल रेस्क्यू किया गया है. इनमें दो मरीज भी शामिल थे, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. टीम ने महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और जानवरों समेत बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. बांध टूटने के बाद कई गांवों में बाढ़ का पानी फैलने से लोगों के बीच दहशत बनी हुई है और ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं.
रिपोर्ट: धनंजय द्विवेदी