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जी मीडिया की खबर के असर के बाद पटना के अनीसाबाद स्थित शालीमार कोल्ड स्टोरेज में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने छापेमारी की, जहां भारी अनियमितताएं पाई गईं. यहां आइसक्रीम बनाने वाला पाउडर, चॉकलेट, ड्राई फ्रूट्स और दीपावली के अवसर पर उपयोग होने वाले अन्य खाद्य पदार्थ स्टोर किए गए थे. चौंकाने वाली बात यह है कि चॉकलेट और दूध से बने उत्पादों को स्टोर करने के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं थी.
छापेमारी करने गई टीम को कोल्ड स्टोरेज के अंदर इतनी तेज दुर्गंध का सामना करना पड़ा. खाद्य पदार्थों को जहां स्टोर किया गया था, वहां चूहे और अन्य जीव-जंतुओं के मल-मूत्र भी मिले, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि कोल्ड स्टोरेज की नियमित सफाई नहीं की जाती है.
फूड इंस्पेक्टर मुकेश कश्यप ने बताया कि खोवा और मिठाइयों की जांच लगातार की जा रही है. बाजार में चांदी के वर्क की जगह हानिकारक एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल कर मिठाइयां बेची जा रही हैं, जिसकी जांच की जा रही है. नमूनों को लैब में भेजकर रिपोर्ट आने के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सहरसा में भी दीपावली और छठ पर्व को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी सामानों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है. फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. संजय चौधरी के नेतृत्व में शहर के सब्जी बाजार और शंकर चौक स्थित कई दुकानों में औचक छापेमारी की गई. इस दौरान भारी मात्रा में मिलावट का अंदेशा जताते हुए करीब 700 किलो नकली पनीर जब्त किया गया, जिसे नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
कई अन्य मिठाई दुकानों से भी खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए हैं. जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फूड सेफ्टी अधिकारी डॉ. संजय चौधरी ने बताया कि यह विशेष अभियान जिलाधिकारी और सिविल सर्जन के आदेश पर चलाया जा रहा है. त्योहारों के सीजन में लोगों को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए यह छापेमारी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.