भागलपुर और बेगूसराय में बाढ़ का कहर: 6 लाख से अधिक आबादी प्रभावित, गंगा के जलस्तर में गिरावट के बावजूद खतरा बरकरार
भागलपुर और बेगूसराय में बाढ़ का कहर देखने को मिल रहा है. 6 लाख से अधिक आबादी इससे प्रभावित है, लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है. वहीं, गंगा के जलस्तर में गिरावट के बावजूद खतरा बरकरार है.
भागलपुर में बाढ़ का कहर अभी भी जारी है, जिले के 13 अंचल बाढ़ की चपेट में हैं. 92 पंचायतों के 376 गांव और 710 वार्ड बाढ़ प्रभावित हैं. जिले में 1 लाख 47 हजार 170 परिवारों के 6 लाख 35 हजार 387 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. हालांकि, गंगा के जलस्तर में अब गिरावट का दौर शुरू हो गया है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है. भागलपुर में गंगा का जलस्तर 34.56 मीटर के करीब है, जो खतरे के निशान से 83 सेंटीमीटर ऊपर है.
वहीं, सुल्तानगंज में जलस्तर 36.70 मीटर है और गंगा खतरे के निशान से 2 मीटर 20 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज है. लोगों की आवाजाही और रेस्क्यू के लिए 101 नावें लगातार चल रही हैं. अब तक 4 हजार 696 परिवारों के 23 हजार 412 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है.
राहत-बचाव कार्य जारी
राहत की बात करें, तो प्रभावित परिवारों के बीच 8 हजार 910 पॉलीथिन शीट बांटी जा चुकी हैं. वहीं, लोगों तक भोजन पहुंचाने के लिए 183 सामुदायिक रसोई संचालित हैं. इन रसोइयों से अब तक 5 लाख 42 हजार 772 थालियां उपलब्ध कराई जा चुकी है. पशुओं के इलाज के लिए 11 पशु चिकित्सा शिविर भी चल रहे हैं. राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए भी भोजन की व्यवस्था जारी है. अब तक 35 हजार 277 लोगों को राहत शिविरों में भोजन कराया जा चुका है. जलस्तर में कमी के बावजूद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है और बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव का अभियान लगातार जारी है. जिलाधिकारी लगातार प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर रही है.
बेगूसराय में भी लोगों को हो रही परेशानी
वहीं, बेगूसराय में भी बाढ़ का कहर जारी है. गंगा के जलस्तर में भले ही थोड़ी कमी आई हो, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. नगर निगम क्षेत्र के सिहमा स्थित वार्ड नंबर 18 में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस चुका है. हालात ऐसे हैं कि लोग अपने ही घरों में चौकी डालकर रहने को मजबूर हैं. कई परिवार पानी के बीच तंबू लगाकर किसी तरह जिंदगी गुजार रहे हैं. करीब 500 घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने की बात सामने आ रही है, जबकि हजारों लोग प्रभावित हैं.
लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. बाढ़ का पानी घरों, सड़कों और आस-पास के इलाकों में भर गया है. इस स्थिति में बच्चों, बुज़ुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें कई दिनों से पानी के बीच रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है और उन्हें सुरक्षित आश्रय और जरूरी सुविधाओं की जरूरत है.