Bihar Bus Service: यदि आप उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा या पश्चिम बंगाल में रहते हैं और दशहरा, दीपावली व छठ महापर्व के दौरान बिहार आने के लिए ट्रेन की टिकट नहीं मिल रही है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. त्योहारों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए बिहार परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. विभाग ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के परिवहन निगम के साथ विशेष समझौता किया है. वहीं, पश्चिम बंगाल के साथ भी जल्द करार होने की बात कही गई है. इस व्यवस्था के तहत देश के प्रमुख महानगरों से बिहार के विभिन्न जिलों के लिए 300 से अधिक स्पेशल बसें चलाने की योजना है.
बसों का परिचालन बस टर्मिनल और डिपो से होगा
इन बसों को सड़कों या किसी भी जगहों पर खड़ा नहीं किया जाएगा. बसों का परिचालन संबंधित राज्यों के सरकारी अंतरराज्यीय बस टर्मिनल और डिपो से होगा. यात्रियों की सुविधा के लिए यहां 'बिहार स्पेशल बस' नाम से हेल्प डेस्क और स्टॉल भी लगाए जाएंगे.
दिल्ली से बिहार के लिए 55 बसें चलाने की योजना
दिल्ली से बिहार के लिए 55 बसें चलाने की योजना है. आनंद विहार, कश्मीरी गेट और सराय काले खां से खुलने वाली बसें गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, सीतापुर, लखनऊ, अयोध्या-बस्ती और गोरखपुर के रास्ते बिहार में प्रवेश करेंगी और पटना, मुजफ्फरपुर, छपरा, सीवान, गोपालगंज, दरभंगा व हाजीपुर पहुंचेंगी. उत्तर प्रदेश से 45 स्पेशल बसें चलेंगी. उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और आगरा से बसें बक्सर, आरा, मोहनिया, सासाराम और पटना के लिए रवाना होंगी. वहीं, हरियाणा से सबसे ज्यादा 150 बसें चलाने की योजना है, जो गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, सोनीपत और अंबाला से चलने वाली बसें तय कॉरिडोर से होते हुए मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, पूर्णिया और भागलपुर तक जाएंगी.
पश्चिम बंगाल से भी 50 बसें चलाने की योजना
पश्चिम बंगाल से भी 50 बसें चलाने को लेकर बातचीत चल रही है. करार पूरा होने पर वहां रहने वाले बिहार के लोगों को भी त्योहारों में घर पहुंचने के लिए अतिरिक्त परिवहन सुविधा मिलेगी. इससे यात्रियों को ट्रेन के अलावा स्पेशल बसों का विकल्प उपलब्ध होगा.