डिजिटल अरेस्ट का इंटरनेशनल कनेक्शन: इराक से मास्टरमाइंड के इशारे पर हो रही थी ठगी, यूपी से शातिर गिरफ्तार
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में सीबीआई अधिकारी बनकर महिला को डिजिटल अरेस्ट कर करीब साढ़े तीन लाख रुपये की ठगी की गई. साइबर पुलिस ने यूपी के देवरिया से आरोपी टीपू शुक्ला को गिरफ्तार किया है. पुलिस अब इराक में बैठे मास्टरमाइंड और पूरे साइबर ठगी नेटवर्क की जांच कर रही है.
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर की एक महिला को सीबीआई अधिकारी बनकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट कर लाखों रुपये की ठगी करने वाले साइबर गिरोह के एक आरोपी को साइबर थाने की पुलिस ने उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान यूपी के देवरिया जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र के निवासी टीपू शुक्ला के रूप में हुई है. पुलिस की जांच में इस गिरोह के एक कथित मास्टरमाइंड के इराक में बैठकर अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप कॉल के जरिए भारत में लोगों को निशाना बनाने की बात सामने आई है. फिलहाल साइबर पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है.
महिला से करीब साढ़े तीन लाख रुपये की ठगी
दरअसल, टीपू शुक्ला ने कथित तौर पर सीबीआई अधिकारी बनकर मुजफ्फरपुर की रहने वाली रागिनी कुमारी को डिजिटल अरेस्ट किया था. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप कॉल के जरिए इराक में बैठे गिरोह के कथित मास्टरमाइंड ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर महिला को अपने झांसे में लिया. इस दौरान महिला से करीब साढ़े तीन लाख रुपये की ठगी कर ली गई. ठगी का एहसास होने के बाद पीड़िता ने मुजफ्फरपुर साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले उस बैंक खाते को फ्रीज कराया, जिसमें ठगी की रकम मंगाई गई थी.
पुलिस ने UP से टीपू शुक्ला को गिरफ्तार किया
जांच के दौरान साइबर पुलिस ने पीड़िता के मोबाइल पर आए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप कॉल के नंबरों की पड़ताल की. इसमें एक नंबर इराक का और दूसरा उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बरियारपुर क्षेत्र का होने की जानकारी मिली. इसके बाद साइबर पुलिस की टीम यूपी पहुंची और टीपू शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस को यह भी पता चला कि जिस बैंक खाते में ठगी की रकम मंगाई गई थी, उसके खिलाफ देश के कई राज्यों में पहले से मामले दर्ज हैं. फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और उसके पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है.
पुलिस जांच में जुटी है
पूरे मामले पर साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि मुजफ्फरपुर की रहने वाली रागिनी कुमारी ने साइबर थाने में आवेदन देकर डिजिटल अरेस्ट के जरिए रुपये ठगे जाने की शिकायत की थी. मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई, तो सामने आया कि महिला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबरों से कॉल कर करीब साढ़े तीन लाख रुपये की ठगी की गई थी. पुलिस ने जिस खाते में पैसे मंगाए गए थे, उसे फ्रीज कर राष्ट्रीय नंबर की जांच की. जांच में नंबर टीपू शुक्ला के नाम से जुड़ा मिला, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस अब उससे पूछताछ कर साइबर ठगी के इस नेटवर्क और इराक में बैठे कथित मास्टरमाइंड की भूमिका की जांच कर रही है.
रिपोर्ट: मणितोष कुमार