आरक्षण के समर्थन में पटना की सड़कों पर उतरे लोग, पुलिस भी पूरी तरह सतर्क
आरक्षण के समर्थन में बिहार की राजधानी पटना में आज (मंगलवार, 8 सितंबर) को बड़ा आंदोलन देखने को मिल रहा है. हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर लोक भवन घेराव की कोशिश कर रहे हैं.
आरक्षण को लेकर लेकर जारी बहस के बीच राजधानी पटना में आज (मंगलवार, 8 सितंबर) को 'आरक्षण बढ़ाओ, संविधान बचाओ' समिति के नेतृत्व में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे. समिति ने गांधी मैदान से लोक भवन घेराव का ऐलान किया था. इस दौरान डाकबंगाल चौराहे पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में भिड़ंत देखने को मिली. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने यहां तीन लेयर की सुरक्षा व्यवस्था तैनात की थी. तीन बैरीकेटिंग में पहली लेयर पर बांस से पूरी सड़क को घेरा गया है. दूसरी लेयर में लोहे के चलंत बैरीकेटिंग लगाए गए. वहीं, तीसरी लेयर में मजबूत लोहा की चदरे से बनीं बैडीकैटिंग पर नुकले तार लगाए गए. पहली बैरिकेटिंग को तोड़ते हुए प्रदर्शनकारी आगे बढ़ गए. दूसरी लेयर में पुलिस ने उन्हें रोक रखा है. इस दौरान काफी गहमा-गहमी देखने को मिल रही है.
आरक्षण का दायरा 65% करने का आरोप
प्रदर्शनकारी लगातार सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण लागू करने, कॉलेजियम सिस्टम समाप्त करने, एससी-एसटी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने और बिहार में एससी-एसटी, ओबीसी एवं ईबीसी के लिए आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 65 प्रतिशत करने की मांग की है.
आरक्षण के दायरे का विस्तार जरूरी- प्रदर्शनकारी
आंदोलन में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही गांधी मैदान के आसपास पहुंचने लगे. प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर और झंडे नजर आए. आंदोलनकारियों ने कहा कि पिछड़े, दलित और आदिवासी समाज की आबादी और सामाजिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए आरक्षण के दायरे का विस्तार जरूरी है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग एससी-एसटी समाज को मिलने वाले आरक्षण का विरोध करते हैं, जो उचित नहीं है.
पुलिस ने तमाम लोगों को हिरासत में लिया
प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को सुना और उन्हें आगे तक पहुंचाने का आश्वासन दिया. जब इसके बाद भी प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस ने तमाम लोगों को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद प्रदर्शन में शामिल लोग वापस लौट गए. कुछ लोगों ने वापस जाते समय कहा कि अभी प्रशासन ने उनके नेताओं को हिरासत में लेकर उनकी आवाज को दबा दिया, लेकिन हम लोग जल्द ही और बड़ी संख्या में वापस लौटेंगे.