बिहार की राजधानी पटना में 8 अक्टूबर, 2026 दिन गुरुवार को साइबर अपराध के एक बड़े गैंग का पुलिस ने खुलासा किया है. साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. पहली कार्रवाई अगमकुआं थाना क्षेत्र में एक फ्लैट में हुई, जहां गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 5 आरोपियों को पकड़ा गया. इनसे पूछताछ के बाद पुलिस ने दूसरे फ्लैट में छापेमारी की और वहां से 4 और साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया.
साइबर क्राइम गैंग का भंडाफोड़
पटना पश्चिमी एसपी संकेत कुमार के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में राहुल को गिरोह का सरगना बताया गया है. पुलिस के अनुसार, राहुल का पहले से आपराधिक इतिहास है. पूछताछ में उसने बताया कि वर्ष 2023 में बिहार EOU ने उसे हरियाणा से गिरफ्तार कर जेल भेजा था.
बिहार से हरियाणा तक फैला साइबर ठगों का नेटवर्क
उन्होंने बताया कि जांच में गैंग के तार बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और हरियाणा से जुड़े होने की बात सामने आई है. पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 मोबाइल, एक लैपटॉप, 30 एटीएम कार्ड, 49 पासबुक, 36 चेकबुक और 2 लाख 86 हजार 400 रुपये नकद बरामद किए हैं. फिलहाल, पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गैंग से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है.
पटना के रिटायर्ड इंजीनियर से साइबर ठगों ने ठगे 33 लाख
बता दें कि बिहार के पथ निर्माण विभाग से रिटायर्ड एक असिस्टेंट इंजीनियर के साथ हाल ही में एक बड़े साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है. मिली जानकारी के अनुसार, पटना के पीरबहोर क्षेत्र में रहने वाले इस रिटायर्ड अधिकारी को शातिर साइबर अपराधियों ने डरा-धमकाकर 3 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा. इतनी ही नहीं, उनसे 33.83 लाख रुपए ऐंठ लिए.
मिली जानकारी के अनुसार, साइबर ठगों ने इस पूरी साजिश को रचने के लिए 500 करोड़ रुपए के घोटाले और जेट एयरवेज के पूर्व चेयरमैन नरेश गोयल के नाम का इस्तेमाल किया, जिससे पीड़ित बुरी तरह घबरा गए थे. डर के माहौल में रिटायर्ड असिस्टेंट इंजीनियर ने दो अलग-अलग खातों से कुल 33,83,224.20 रुपये ट्रांसफर कर दिए.
रिपोर्ट : प्रकाश कुमार सिन्हा