खुलासा: सिपाही अजीत कुमार की मौत शराब तस्करों की गोली से नहीं, पुलिस की गोली से हुई थी
नालंदा में सिपाही अजीत कुमार की मौत शराब माफिया की वजह से नहीं, बल्कि पुलिस की गोली लगने से हुई थी. इस घटना के सिलसिले में, टीम का नेतृत्व कर रही महिला सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमार समेत 7 को गिरफ्तार किया गया है.
नालंदा में शराब तस्करों का पीछा करने के दौरान गोली लगने से सिपाही अजीत कुमार की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस अधीक्षक हृदयकांत ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया था. टीम ने गठन के 24 घंटे के अंदर ही मामले का लगभग उद्भेदन कर लिया है. शुरुआत में आशंका जताई जा रही थी कि शराब तस्करों की गोली से सिपाही की मौत हुई है, लेकिन जांच में सामने आया कि धावा दल में शामिल होमगार्ड के जवान की राइफल से गोली चली थी, जो अजीत कुमार के सिर में लगी.
सब इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी की भूमिका जांच के घेरे में
पुलिस ने संबंधित हथियार, मिस फायर राउंड की गोली और छापेमारी में इस्तेमाल वाहन को जब्त कर लिया है. होमगार्ड जवान ने पूछताछ में तीन राउंड गोली चलाने की बात स्वीकार की है. एसपी ने बताया कि 14 अक्टूबर की रात हुई घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और वरीय अधिकारियों को नहीं दी गई थी. घटनास्थल से साक्ष्य मिटाने के प्रयास का भी आरोप है. एक्साइज विभाग की सब इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी की भूमिका भी जांच के दायरे में है. मामले में सब इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी, दो होमगार्ड जवान, धावा दल के चालक और एक अन्य सिपाही समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है.
इस पूरे मामले को लेकर नालंदा के एसपी हृदयकांत ने बताया कि इस दौरान जिस हथियार से गोली चलाया गया था, वह हथियार जब्त कर लिया गया है. महिला दरोगा पुष्पा को लेकर उन्होंने कहा कि जो टीम आई थी, वह पिकअप का पीछा कर रही थी और फिर उन्होंने सब इंस्पेक्टर पुष्पा को आगे से सपोर्ट के लिए बुलाया था और जो गोली होमगार्ड के जवान से फायर की गई, उस टीम को लीड सब इंस्पेक्टर पुष्पा ही कर रही थीं. घटना 14 तारीख की रात 10:30 बजे की थी, लेकिन इसकी सूचना न स्थानीय थाना को दी गई, न हमें दी गई. अगले दिन सुबह इसकी जानकारी मिली. उसके बाद भी साक्ष्य को मिटाने का प्रयास किया गया. जैसे कि गाड़ी को पुलिस के सामने प्रस्तुत न करके पटना ले जाया गया, हथियार के बारे में सही जानकारी नहीं दी गई, फायरिंग की बात भी नहीं बताई गई थी. वह बाद में पूछताछ के क्रम में आया. उन्होंने आगे कहा कि सब इंस्पेक्टर पुष्पा का कंडक्ट संदेहास्पद है और कहीं न कहीं वह साक्ष्य छिपाने के लिए जिम्मेदार हैं.
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जानें टाइमलाइन-
14 अक्टूबर की रात पटना से आई उत्पाद पुलिस की टीम झारखंड से आ रही शराब लदी पिकअप वैन का पीछा कर रही थी. इस दौरान दारोगा पुष्पा कुमारी के आदेश पर होमगार्ड जवान रिशु कुमार ने राइफल से फायरिंग कर दी. इस दौरान एक गोली सिपाही अजीत के सिर में पीछे से लग गई. घटना के बाद अजीत को अस्पताल ले जा गया. मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी जानी चाहिए थी, लेकिन सबूत मिटाने की कोशिश की गई. इस मामले में पुलिस ने नियमों को ताख पर रखकर उल्लंघन करने और गुमराह करने के आरोप में दारोगा पुष्पा कुमारी समेत 7 को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.