त्योहारों पर 24 घंटे गश्त और QRT तैनात, अफवाह फैलाने वालों पर 4 घंटे में होगी कार्रवाई: CM सम्राट चौधरी
लोक सेवक आवास में सीएम सम्राट चौधरी ने की हाई-लेवल समीक्षा बैठक की. सीएम ने इस दौरान निर्देश दिया कि दीपावली और छठ महापर्व के अवसर पर बिहार आने वाले लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता. रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और छठ घाटों पर विशेष सफाई, सुरक्षा और 24 घंटे गश्त की व्यवस्था सुनिश्चित करें.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आगामी दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व के मद्देनजर राज्य में विधि-व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर आज लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि त्योहारों के अवसर पर बड़ी संख्या में बिहार के लोग दूसरे राज्यों और विदेशों से अपने घर लौटते हैं. यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें अपने गृह राज्य में आने पर खुशी, सुरक्षा और सकारात्मक बदलाव का अनुभव हो. सभी जिलों में प्रशासन और पुलिस पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करें.
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व को लेकर सभी को सतर्क और तत्पर रहना है. विधि-व्यवस्था के साथ-साथ सभी आवश्यक तैयारियों ससमय पूर्ण करें. छठ महापर्व बिहार का गौरव और हमारी सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख पर्व है. इस अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए. मुख्यमंत्री ने धनतेरस, दीपावली और छठ पूजा की शुभकामनाएं भी दी.
सम्राट चौधरी ने निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाए. सभी जिलों में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) गठित कर उन्हें पूरी तरह सक्रिय और अलर्ट रखा जाए. रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों के आसपास विशेष रूप से चौबीसों घंटे गश्त की व्यवस्था हो. पुलिस की पेट्रोलिंग प्रभावी हो और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. मुख्यमंत्री ने रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों, सार्वजनिक स्थलों और छठ घाटों पर साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी स्वयं इन व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें. छठ घाटों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. स्थानीय स्वयंसेवकों को भी व्यवस्थाओं में शामिल किया जाए. गांवों के छठ घाटों पर स्थानीय तैराकों को भी उपलब्ध रखें. विद्युत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहीं भी नंगे तार का उपयोग नहीं किया जाए.
उन्होंने कहा कि दलित/महादलित टोलों में जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी जाएं, उनके बीच जाकर उनके साथ पर्व मनाएं. पर्व-त्योहारों को आपसी प्रेम, सद्भाव और उत्साह के साथ मनाने के लिए लोगों को प्रेरित करें. जिलाधिकारी जनप्रतिनिधियों से नियमित रूप से मिलकर उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुनें. मुख्यमंत्री ने कहा कि सक्षम और संपन्न लोगों से 125 यूनिट बिजली सब्सिडी का लाभ स्वेच्छा से छोड़ने की अपील को लेकर प्रचार-प्रसार कराएं.
बिहार के सीएम ने कहा कि कायाकल्प अभियान के तहत योजनाओं की संख्या दोगुनी कर दी गई है. जिलाधिकारी इसकी निरंतर निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी गांव विकास कार्यों से वंचित नहीं रहे. सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन सहित सभी आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं को अभियान के दायरे में लाया जाए. उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान हुए सभी क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों की मरम्मती जल्द कराएं.
मुख्यमंत्री ने भ्रामक और फर्जी खबरों पर त्वरित कार्रवाई के लिए प्रत्येक स्तर पर क्विक रिस्पांस टीम बनाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि किसी खबर के सही होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए जवाब दिया जाए और गलत खबर होने पर उसका जल्द खंडन किया जाए. इसके लिए अधिकतम चार घंटे के भीतर प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए, ताकि भ्रामक सूचनाओं से नकारात्मक माहौल न बने और जनता तक सही जानकारी पहुंचे. साथ ही जिन समस्याओं को उठाया जाता है, उसको लेकर की जा रही कार्रवाई और समस्याओं के समाधान को लेकर जानकारी साझा करें.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि 25 नवंबर के बाद वे विभिन्न जिलों का भ्रमण करेंगे. 16 नवंबर के बाद विकास कार्यों पर विशेष ध्यान देते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाएगी. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक प्रत्येक माह उद्योगपतियों के साथ बैठक करें, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो और निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित हों. जिलों में जमीन अधिग्रहण के कार्य में विलंब न हो, जिलाधिकारी इस पर तेजी से काम करें. 'एक जिला, एक उत्पाद' (ODOP) योजना पर कार्य करें.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्यों को पूरी गंभीरता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ पूरा करें, ताकि बिहार में सुशासन, सुरक्षा और विकास की गति निरंतर तेज हो.
कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा ने विधि-व्यवस्था की तैयारियों के संबंध में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी. पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा ने बताया कि पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए 16,000 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों, 1,500 PTC, होमगार्ड और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की अतिरिक्त तैनाती की गई है.
बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, वित्त विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, पुलिस महानिदेशक, विशेष सुरक्षा कुन्दन कृष्णन, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सोहेल, भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रमंडल के आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस उप महानिरीक्षक, जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक और वरीय अधिकारी जुड़े हुए थे.
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