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मुंगेर जिले के जमालपुर रेलवे स्टेशन पर अपराध आसूचना शाखा की कार्रवाई ने नकली सिगरेट के एक बड़े गिरोह की पोल खोल दी है. प्लेटफार्म संख्या तीन पर पकड़ी गई चौबीस सौ पैकेट नकली कैप्स्टन सिगरेट की खेप सिर्फ एक बरामदगी नहीं है, गिरफ्तार दोनों तस्कर अब रेलवे पुलिस की हिरासत में हैं और पुलिस इस धंधे की जड़ तक पहुंचने में जुटी है.
जानकारी के अनुसार, रेलवे सुरक्षा बल की सीआईबी टीम जमालपुर को गुप्त सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति ट्रेन संख्या 22405 भागलपुर-आनंद विहार गरीब रथ एक्सप्रेस से भारी मात्रा में नकली सिगरेट लेकर दिल्ली जा रहे हैं. सूचना मिलते ही निरीक्षक एस.के. सुधा के नेतृत्व में अपराध शाखा की टीम और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने प्लेटफार्म संख्या तीन पर घेराबंदी कर दी.
गाड़ी के आते ही दो व्यक्ति दो बड़े जूट के बोरे और दो भूरे रंग के गत्ते के डिब्बे लेकर चढ़ने की कोशिश करते दिखे. शक होने पर उन्हें रोका गया. शुरुआत में दोनों ने बोरे में घरेलू सामान होने का दावा किया, लेकिन जब टीम ने तलाशी ली, तो अंदर से कैप्स्टन रिच फ्लेवर सिगरेट के पैकेट निकले.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद परवेज खान (52 वर्ष), निवासी मुबारक चक, थाना कोतवाली, मुंगेर और मोहम्मद अली (28 वर्ष), निवासी मिर्जाचक, थाना कोतवाली, मुंगेर के रूप में हुई.तलाशी में परवेज खान के बोरे से 1200 पैक और अली के डिब्बों से 1200 पैक बरामद हुए. कुल चौबीस सौ पैकेट मिले, जिनकी कीमत दो लाख सोलह हजार रुपये आंकी गई है.
पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने यह खेप मुंगेर के मुर्गियाचक के पास एक व्यक्ति से खरीदी थी. पुलिस का मानना है कि मुंगेर और आसपास के इलाकों में ही छोटे-छोटे गुप्त ठिकानों पर नकली सिगरेट बनाने का काम चल रहा है. यहां सस्ता तंबाकू, नकली कागज और नकली डिब्बा बंदी सामग्री से असली ब्रांड की हूबहू नकल तैयार की जाती है. लागत असली से आधी से भी कम आती है और दिल्ली जैसे बड़े बाजार में इसे असली दाम पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जाता है.
रिपोर्ट: प्रशांत कुमार