स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में पटना की जबरदस्त उछाल, दिल्ली-मुंबई को पछाड़कर हासिल की 16वीं रैंक
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में पटना ने बड़ी छलांग लगाते हुए दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों को पीछे छोड़ दिया है. रिपोर्ट में पटना को 16वीं रैंक हासिल हुई है, जबकि दिल्ली 21वें और मुंबई 22वें नंबर पर है.
पटना वालों के लिए खुशखबरी है. राजधानी पटना ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में बड़ी छलांग लगाते हुए 16वां स्थान हासिल किया है. खास बात यह है कि इस बार पहली बार आयोजित वार्ड स्तरीय मूल्यांकन में भी पटना ने बाजी मारी है. पटना नगर निगम के वार्ड 9 व वार्ड 43 ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है. उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दोनों वार्डों को कुल 40 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली है. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से जारी इस रिपोर्ट में 10 लाख से अधिक आबादी वाले देशभर के 48 शहरों को शामिल किया गया था. अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस यानी 7 सितंबर को यह रिपोर्ट जारी की गई. बता दें कि पिछले वर्ष पटना को इस सर्वे में 27वीं रैंक हासिल हुई थी.
स्वच्छ वायु दिवस 2026 के कार्यक्रम में राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण परस्पर विरोधी नहीं हैं, बल्कि नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखते हुए साथ-साथ चल सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि आने वाली पीढ़ियों को रहने के लिए स्वच्छ वातावरण मिल सके. न्यायमूर्ति श्रीवास्तव ने कहा कि वायु प्रदूषण को एक जटिल चुनौती है, क्योंकि प्रदूषण राजनीतिक सीमाओं को नहीं देखता और इसके कई स्रोत हैं. यह आवश्यक है कि स्थानीय निकाय नागरिकों को जागरूक करके प्रदूषण के स्रोत को ही रोकने का प्रयास करें; इस समस्या से निपटने के लिए नवीनतम तकनीकों को अपनाएं; और इस मुद्दे के समाधान के लिए एक समावेशी और समग्र सामाजिक दृष्टिकोण अपनाएं.
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण की खास बातें
- सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शहरों और वार्डों को पुरस्कृत किया गया.
- 130 शहरों में से 108 शहरों में पीएम10 के स्तर में सुधार देखा गया है.
- 72 शहरों में पीएम10 की सांद्रता में 20 प्रतिशत से अधिक की कमी हासिल की गई है.
- 26 शहरों में 40 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है.
- 14 शहरों ने राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (NAAQS) को पूरा कर लिया है.
16वें स्थान पर पटना-औरंगाबाद
सर्वेक्षण रिपोर्ट में पटना 178 नंबर के साथ 16 नंबर पर है. वहीं औरंगाबाद 178 अंकों के साथ संयुक्त रूप से 16 नंबर पर मौजूद है. रिपोर्ट में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की तो दिल्ली 172 अंको के साथ 21वें नंबर पर है. 160.8 अंकों के साथ मुंबई को 28वीं रैंक हासिल हुई है. इस तरह हम कह सकते हैं पटना की हवा दिल्ली और मुंबई की हवा से ज्यादा साफ है.
पटना की मेयर ने जताई खुशी
पटना नगर निगम की मेयर सीता साहू ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में पटना का उत्कृष्ट प्रदर्शन पूरे नगर निगम के लिए गर्व की बात है. यह उपलब्धि स्वच्छ एवं हरित पटना की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है. वहीं, नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने कहा, ‘सड़क किनारे हरियाली बढ़ाने, पौधारोपण, कचरा प्रबंधन, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन, सड़कों की बेहतर सफाई तथा जन-जागरूकता जैसे क्षेत्रों में लगातार काम किया जा रहा है. यह उपलब्धि इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम को दर्शाती है.
कैसे जारी होती है वायु सर्वेक्षण रिपोर्ट?
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) मिलकर इस रिपोर्ट को तैयार करते हैं. इस रिपोर्ट में शहरों में सड़क की धूल, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, वाहनों से निकलने वाले धुएं, औद्योगिक प्रदूषण और निर्माण कचरे को रोकने के लिए किए गए कार्यों की समीक्षा की जाती है. शहर पहले अपने स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण के कार्यों का आकलन करते हैं. इसके बाद राज्य स्तरीय निगरानी समितियां इस डाटा को चेक करती हैं. अंत में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) इन कार्यों की समीक्षा करता है. CPCB की रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से शहरों को रैंक देकर फाइनल रिपोर्ट तैयार की जाती है.