बिहार में खुलेआम घूम रहे दुशासन, कहां हैं पुलिस दीदी: वैशाली में छात्रा का मनचले से हुआ सामना, लेकिन नहीं मिली कोई मदद
कोई भी योजना जब तक जमीन पर नहीं उतरती, उसके कोई मायने नहीं हैं. पूरे बिहार में जहां-तहां लड़कियों से छेड़खानी और महिलाओं से रेप की खबरें आम हो रही हैं, लेकिन पुलिस दीदी का कुछ पता नहीं है. अब वैशाली में तो स्कूल के सामने एक लड़की से छेड़खानी और मारपीट की गई.
बेटियों की सुरक्षा को लेकर बिहार सरकार के दावे फिर से धरे के धरे रह गए हैं. जमुई, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और बांका के बाद अब वैशाली से डराने वाली खबर सामने आ रही है. खबर है कि वैशाली के महनार में स्कूल जा रही एक लड़की से मनचले ने न केवल छेड़खानी की, बल्कि मारपीट को भी अंजाम दिया. सूचना पर पहुंचे परिजन ने स्कूल पहुंचकर हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस पहुंची, लेकिन आरोपी पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. मामला महनार थाना क्षेत्र के लावापुर नारायण स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय का बताया जा रहा है. सरकार की ओर से पुलिस दीदी ब्रिगेड बनाने के ऐलान के बाद भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं. पुलिस दीदी योजना पर बजट में 66 करोड़ से अधिक रुपये का आवंटन किया गया था, लेकिन अभी तक यह योजना जमीन पर नहीं उतर पाई है. ऐसे में लड़कियों को शिक्षा के लिए कैसे प्रोत्साहित किया जा सकेगा?
आरोप है कि छात्रा स्कूल जा रही थी, तभी रास्ते में कुछ युवकों ने उसके साथ बदसलूकी की. छात्रा के मुताबिक, आरोपी उसका पीछा करते हुए स्कूल परिसर तक पहुंच गया. आरोप है कि स्कूल पहुंचने के बाद छात्रा ने विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई. परिजन का आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है.
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सम्राट सरकार की 'पुलिस दीदी' कहां हैं?
अब सवाल उठ रहा है कि स्कूल परिसर के बाहर छात्राओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? पुलिस ने इस मामले में अभी आधिकारिक रूप से कुछ नहीं बताया है. यह हाल तब है, जब बिहार सरकार की ओर से स्कूल और कॉलेज के गेट पर छात्राओं की सुरक्षा के लिए पुलिस दीदी या अभया ब्रिगेड या पिंक पेट्रोलिंग दस्ते का ऐलान किया था. इस दस्ते को उत्तर प्रदेश में एंट्री रोमियो स्क्वायड कहा जाता है.
सम्राट चौधरी जब बिहार के गृह मंत्री बने थे, तभी पुलिस दीदी का ऐलान किया गया था. अप्रैल, 2026 के बजट में सरकार ने इसके लिए 66.75 करोड़ रुपये के बजट और महिला पुलिसकर्मियों के लिए 4700 स्कूटी और बाइकों की खरीद को मंजूरी भी दी थी.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस दीदी को लेकर क्या कहा था?
इस साल के स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने औपचारिक रूप से पुलिस दीदी योजना को लागू किया था. उनका कहना था:
पुलिस दीदी का मुख्य उद्देश्य बिहार की महिलाओं और स्कूल कॉलेज जाने वाली छात्राओं को सुरक्षित माहौल देना और उनके अंदर के डर को खत्म करना है. महिला पुलिसकर्मियों की गतिशीलता और गश्त को बेहतर बनाने के लिए 4700 स्कूटी और बाइकें उपलब्ध कराई गई हैं. ये टीमें स्कूलों, कॉलेजों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों के पास गश्त करेंगी, ताकि बेटियों को कोई तकलीफ न हो. महिलाओं की आपातकालीन सहायता के लिए डायल 112 की रिस्पांस टाइम को घटाकर 10 मिनट से कम कर दिया गया है. इसका लक्ष्य 5 से 7 मिनट तक लाने का है.
पुलिस दीदी का मुख्य काम
1. पुलिस दीदी का मुख्य काम स्कूल और कॉलेज के गेटों पर सुबह और छुट्टी के दौरान लड़कियों की सुरक्षा की निगरानी करना.
2. छात्राओं के खिलाफ छींटाकशी करने वाले, पीछा करने वाले, अश्लील फब्तियां कसने या वीडियो बनाने वाले मनचलों पर तुरंत एक्शन लेना.
3. संकरी गलियों, कोचिंग मंडियों और पार्कों में दुपहिया वाहनों से त्वरित गश्त लगाना, ताकि लड़कियों के अंदर से भय दूर हो.
4. छात्राओं से सीधे संपर्क स्थापित कर उन्हें बेझिझक छेड़छाड़ या इस तरह की किसी भी शिकायत को दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित करना.
पुलिस दीदी अभी केवल कागजों में
1. गृह विभाग की ओर से कुछ प्रमुख जिलों में पुलिस दीदी की तैनाती और प्रचार के वीडियो जारी किए गए हैं
2. जमुई, समस्तीपुर और बांका के वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस दीदी योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं
3. विपक्ष के साथ ही भाजपा के राज्यसभा के सांसद ने भी सम्राट सरकार की ओर से महिला सुरक्षा के दावे पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि राज्य में पुलिसिंग एकदम खत्म हो चुकी है और जिला स्तर पर पुलिस अधिकारियों का फोन तक नहीं उठता.
इनपुट: राजकुमार सिंह